{"_id":"68a8dec5efbb4b449b0613bc","slug":"one-department-head-is-acquitted-of-the-charges-action-will-be-taken-against-two-lucknow-news-c-13-lko1070-1349025-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: एक विभागाध्यक्ष आरोपों से बरी, दो पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: एक विभागाध्यक्ष आरोपों से बरी, दो पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
लखनऊ। किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शुक्रवार को हुई कार्य परिषद की बैठक एक विभागाध्यक्ष के लिए राहत भरी रही। वहीं, दो अन्य विभागाध्यक्षों के लिए बैठक के फैसले परेशानी पैदा करने वाले रहे। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
केजीएमयू कार्य परिषद ने एक साल से विभागाध्यक्ष के पद से पदच्युत चल रहीं प्रो. तूलिका चंद्रा को दोषमुक्त करार देते हुए आरोपों से बरी कर दिया। उन पर फर्जी हस्ताक्षर और भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाए गए थे। जांच समिति ने माना कि साथी शिक्षक के हस्ताक्षर फर्जी जरूर हैं, लेकिन ये किसने बनाए, यह तय नहीं हो पाया। इसी तरह भ्रष्टाचार संबंधी आरोप भी साबित नहीं हो सके। इसलिए उनको दोबारा विभागाध्यक्ष का पद देने की सहमति बनी। साथ ही उन्हें पद पर रहते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
वहीं, थोरेसिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष को चार्जशीट देने पर मुहर लगाई गई। विभागाध्यक्ष पर बालागंज स्थित अस्पताल में जाकर प्राइवेट प्रैक्टिस का आरोप लगा है। जांच समिति ने आरोप की पुष्टि की है। इसके बाद उन्हें चार्जशीट दी जाएगी। उनके जवाब के बाद उन पर कार्रवाई तय की जाएगी। इसी तरह वस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष पर स्टाॅक रजिस्टर न बनाने समेत कई अन्य आरोप लगाए गए थे। कार्य परिषद ने उनको नोटिस देने का फैसला किया है। इस दाैरान उनको विभागाध्यक्ष के पद से पदच्युत रखने का फैसला हुआ है।
विज्ञापन
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक, प्रो. तूलिका चंद्रा को दोबारा विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा वहीं, अन्य दो विभागाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए चार्जशीट और नोटिस दिया जाएगा।
स्काॅलरशिप सेल आसान करेगी विद्यार्थियों की राह
केजीएमयू में अब विद्यार्थियों के लिए स्काॅलरशिप सेल भी होगी। यह सेल उनको विभिन्न प्रकार की स्काॅलरशिप के बारे में जानकारी देने के साथ ही इसमें सहयोग भी प्रदान करेगी। इसके अलावा स्टूडेंट काउंसिल का भी गठन किया गया है। इस सेल के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और उनमें लीडरशिप का गुण विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
केजीएमयू कार्य परिषद ने एक साल से विभागाध्यक्ष के पद से पदच्युत चल रहीं प्रो. तूलिका चंद्रा को दोषमुक्त करार देते हुए आरोपों से बरी कर दिया। उन पर फर्जी हस्ताक्षर और भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाए गए थे। जांच समिति ने माना कि साथी शिक्षक के हस्ताक्षर फर्जी जरूर हैं, लेकिन ये किसने बनाए, यह तय नहीं हो पाया। इसी तरह भ्रष्टाचार संबंधी आरोप भी साबित नहीं हो सके। इसलिए उनको दोबारा विभागाध्यक्ष का पद देने की सहमति बनी। साथ ही उन्हें पद पर रहते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
वहीं, थोरेसिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष को चार्जशीट देने पर मुहर लगाई गई। विभागाध्यक्ष पर बालागंज स्थित अस्पताल में जाकर प्राइवेट प्रैक्टिस का आरोप लगा है। जांच समिति ने आरोप की पुष्टि की है। इसके बाद उन्हें चार्जशीट दी जाएगी। उनके जवाब के बाद उन पर कार्रवाई तय की जाएगी। इसी तरह वस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष पर स्टाॅक रजिस्टर न बनाने समेत कई अन्य आरोप लगाए गए थे। कार्य परिषद ने उनको नोटिस देने का फैसला किया है। इस दाैरान उनको विभागाध्यक्ष के पद से पदच्युत रखने का फैसला हुआ है।
विज्ञापन
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक, प्रो. तूलिका चंद्रा को दोबारा विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा वहीं, अन्य दो विभागाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए चार्जशीट और नोटिस दिया जाएगा।
स्काॅलरशिप सेल आसान करेगी विद्यार्थियों की राह
केजीएमयू में अब विद्यार्थियों के लिए स्काॅलरशिप सेल भी होगी। यह सेल उनको विभिन्न प्रकार की स्काॅलरशिप के बारे में जानकारी देने के साथ ही इसमें सहयोग भी प्रदान करेगी। इसके अलावा स्टूडेंट काउंसिल का भी गठन किया गया है। इस सेल के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और उनमें लीडरशिप का गुण विकसित किया जाएगा।