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यूपी: छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई के लिए एक करोड़ छात्रों का बनेगा ‘यूनिक कोड’

Mon, 14 Oct 2019 06:39 AM IST
देव कश्यप अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: देव कश्यप Updated Mon, 14 Oct 2019 06:39 AM IST
सार

  • आधार नंबर के लिए होगा यह कोड, यूआईडीएआई ने प्रदेश सरकार को दी अनुमति
  • आधार का रिकॉर्ड सुरक्षित व गोपनीय रखने के लिए उठाया कदम
  • श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड को यह काम सौंपे जाने की हो रही तैयारी

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One crore students to be made unique code to pay scholarship and fees in UP
आधार कार्ड - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना में एक करोड़ छात्रों का यूनिक कोड तैयार किया जाएगा। आधार नंबर के आधार पर यह यूनिक कोड बनाया जाएगा। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने प्रदेश सरकार को आधार सुरक्षित रखने के लिए इसकी अनुमति दे दी है। प्रदेश में यह कार्य श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड को सौंपे जाने की तैयारी चल रही है। इससे आधार कार्ड में दिया गया ब्योरा न सिर्फ पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, बल्कि उसके दुरुपयोग होने की आशंका भी खत्म हो जाएगी।

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फेसबुक समेत कई कंपनियों के लोगों के निजी डाटा का इस्तेमाल करने के मामले प्रकाश में आने के बाद आधार नंबर लेने से पहले उसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं। यही वजह है कि इस बार एनआईसी ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में आधार लेने से इनकार कर दिया था। एनआईसी का कहना था कि उसके पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे आधार नंबर के लीक होने की आशंका को समाप्त किया जा सके।
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यही वजह है कि इस सत्र में जितने भी छात्रों ने छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई के लिए आवेदन किया, उनमें से किसी का भी आधार नंबर नहीं लिया गया है। रिन्युवल कैटेगरी में आवेदन करने वाले छात्रों का आधार नंबर तो संबंधित विभागों के पास पहले से है, पर फ्रेश कैटेगरी में आवेदन करने वाले छात्रों से आधार नंबर नहीं मांगा गया। बता दें कि, पहले योजना का लाभ ले चुके छात्रों को रिन्युवल और विभिन्न पाठ्यक्रमों में पहली बार आवेदन करने वाले छात्रों को फ्रेश कैटेगरी में रखा जाता है।

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इस योजना में घपले और डुप्लीकेसी को रोकने के लिए आधार नंबर का लिया जाना आवश्यक है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार ने यूआईडीएआई से आधार रखने की अनुमति मांगी थी। यूआईडीएआई ने आधार वॉल्ट में आधार सुरक्षित रखने की शर्त के साथ अनुमति दे दी है।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि श्रीटॉन इंडिया लिमिटेड के पास आधार वॉल्ट उपलब्ध है, जिसमें किसी के भी आधार नंबर को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जा सकता है। यह कंपनी प्रत्येक आधार नंबर के लिए एक यूनिक कोड जारी कर देती है। इसके आधार पर विभागीय अधिकारी यह जांच कर सकते हैं कि दिया गया आधार नंबर उसी छात्र या व्यक्ति का है या नहीं। यूनिक कोड मिलने पर आधार कार्ड में दिए गए किसी भी ब्योरे की जानकारी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी हासिल नहीं कर सकते।

छात्रवृत्ति के नोडल समाज कल्याण विभाग का कहना है कि इस योजना में कक्षा-9 से उच्च, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने वाले करीब एक करोड़ छात्र आवेदन करते हैं। इनमें से करीब 35 लाख छात्र ऐसे हैं, जिनके फ्रेश कैटेगरी में आवेदन करने से उनका आधार नंबर विभाग के पास नहीं है। इस साल योजना का लाभ देने से पहले उनसे भी आधार नंबर ऑनलाइन मांगा जाएगा। आवेदन करने वाले सभी एक करोड़ छात्रों को यूनिक कोड देने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया प्रांरभ की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न बचे।

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