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भाजपा के मंत्री बोले, आरक्षण के मुद्दे पर न मानी शर्तें तो यूपी की सभी सीटों पर उतारेंगे प्रत्याशी

Sun, 16 Dec 2018 01:48 PM IST
ishwar ashish भाषा/अमर उजाला, लखनऊ
भाषा/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 16 Dec 2018 01:48 PM IST
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omprakash rajbhar speaks on plan for general election 2019.
ओम प्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश में आरक्षण में कोटे की मांग कर रहे राज्य सरकार में मंत्री सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा पर उन्हें रोकने के लिये आगामी 29 दिसम्बर को गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली का आयोजन करने का इल्जाम लगाया और कहा कि उनकी मांग पूरी नहीं की गयी तो सुभासपा राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।

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प्रदेश की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राजभर ने ‘भाषा’ को बताया कि वह और उनके समर्थक आगामी 29 दिसम्बर को गाजीपुर में प्रधानमंत्री की प्रस्तावित रैली का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा ने पिछड़े वर्ग के लोगों के लिये आरक्षण में कोटे की व्यवस्था नहीं की, तो सुभासपा भाजपा का साथ छोड़कर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।
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गाजीपुर जिले की जहूराबाद सीट से विधायक राजभर ने कहा कि जिले में पिछली बार जब प्रधानमंत्री आये थे, तब उन्हें नहीं बुलाया गया था। पूर्वांचल में कहीं भी कार्यक्रम होता है तो उनकी उपेक्षा करके राजभर बिरादरी के दूसरे नेताओं को ही बुलाया जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल में लखनऊ में हुए जाति सम्मेलन में उन्हें नहीं बुलाया।
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उन्होंने कहा कि भाजपा ने गाजीपुर में प्रधानमंत्री की रैली का कार्यक्रम बनाने से पहले उनसे राय लेने की जहमत नहीं की। यह रैली राजभर मतदाताओं में फूट डालने के लिये की जा रही है। ‘मुझे रोकने के लिये कुछ नहीं मिला तो भाजपा ने प्रधानमंत्री को बुला लिया।’

अमित शाह ने किया था कोटा में कोटा लागू करने का वादा

राजभर ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव से छह माह पहले प्रदेश में कोटा में कोटा लागू करने की घोषणा करने को कहा था लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ और ना ही ऐसे कोई आसार दिख रहे हैं। अगर भाजपा ने पिछड़ों के लिये आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था नहीं की तो सुभासपा प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के विभिन्न जिलों में भी 16 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लोकसभा चुनाव की तैयारियों में युद्धस्तर पर जुटे हैं।

राजभर ने कहा कि भाजपा शायद पटेल और यादव मतदाताओं को नाराज नहीं करना चाहती, इसीलिये आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था नहीं कर रही है लेकिन इस तरह वह अन्य पिछड़े वर्गों के 38 प्रतिशत मतदाताओं से हाथ धो बैठेगी। अगर सपा और बसपा का गठबंधन हो जाएगा तो यह 38 प्रतिशत मतदाता इन्हीं दलों में चले जाएंगे और भाजपा के लिये 10 सीटें जीतना भी दूभर हो जाएगा।

'यादव समाज के 95 फीसदी लोग अखिलेश के साथ'

इस सवाल पर कि हाल में नयी पार्टी बनाने वाले वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवपाल सिंह यादव अगले लोकसभा चुनाव में सपा को कितना नुकसान पहुंचाएंगे, राजभर ने कहा कि भाजपा ने शिवपाल को मायावती का बंगला देकर और जेड प्लस सुरक्षा देकर चूक कर दी।

सपा से जो लोग शिवपाल से जुड़ रहे थे, वे भाजपा सरकार के इस कदम से वापस लौटने लगे। आज यादव बिरादरी के 95 प्रतिशत लोगों ने अखिलेश को अपना नेता मान लिया है। जहां तक दलितों का सवाल है तो वे मायावती के साथ हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में कुछ प्रमुख मुद्दों के साथ जनता के बीच जाएगी। इनमें देश में सर्वेक्षण कराकर आर्थिक आधार पर सभी जाति के गरीबों को आरक्षण दिये जाने, कोटा में कोटा लागू करने, उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय पीठ गठित करने के मुद्दे अहम हैं।

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