फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   old peoples will get relief for life certificate Verification

बुजुर्ग पेंशनरों को अब नहीं लगानी पड़ेगी ट्रेजरी या बैंक की दौड़, मिलेगी ये सुविधा

Thu, 21 Dec 2017 01:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 21 Dec 2017 01:20 PM IST
विज्ञापन
old peoples will get relief for life certificate Verification
डेमो - फोटो : डेमो

गंभीर बीमारी या निशक्तता के कारण चलने-फिरने में लाचार व उम्रदराज पेंशनरों को पेंशन सत्यापन के लिए जीवित प्रमाणपत्र पाने के लिए अब ट्रेजरी या बैंक तक दौड़ लगाने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। प्रशासन ने ऐसे पेंशनरों को राहत दिलाने को अब घर बैठे सत्यापन की व्यवस्था मुहैया कराई है।

विज्ञापन


इसके लिए जरूरतमंद को केवल कलेक्ट्रेट ट्रेजरी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 0522--2611926 पर कॉल कर ट्रेजरी अधिकारी को अपनी परेशानी और पता बताना होगा। कॉल सत्यापन के बाद ट्रेजरी स्तर से सक्षम अधिकारी स्वयं कॉलकर्ता पेंशनर के घर जाकर 24 घंटे में जीवित होने का सत्यापन कर प्रमाणपत्र जारी कर पेंशन रिलीज कराएगा।
विज्ञापन


यह जानकारी कलेक्ट्रेट कोषागार के मुख्य कोषागार अधिकारी संजय सिंह ने दी। संजय सिंह ने बताया कि फिलहाल यह सुविधा चिह्नित श्रेणी के पेंशनरों को ही मिलेगी। ट्रेजरी से विभिन्न विभागों के 50 हजार से अधिक लोगों की पेंशन बैंक खातों में जारी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीटीओ ने बताया कि श्रेणीबद्ध पेंशनर के लिए घर बैठे सत्यापन की व्यवस्था पूरे प्रदेश के सभी राजकीय कोषागारों में लागू की गई है। अभी तक अधिकांशत: नवंबर व दिसंबर में पेंशनधारकों को ट्रेजरी पहुंचकर खुद ही जीवित होने का प्रमाण पत्र देना जरूरी होता था।

101 वर्षीय बुजुर्ग महिला को किया सम्मानित 

old peoples will get relief for life certificate Verification
जयंती जोशी - फोटो : amar ujala
सीटीओ संजय सिंह ने बताया कि जनवरी से दिसंबर तक किसी भी समय एक बार सत्यापन प्रमाणपत्र ट्रेजरी में जमा कर साल भर घर बैठे आसानी से पेंशन राशि ली जा सकती है। इसके बाद सत्यापन वर्ष में उसकी पेंशन राशि नहीं रुकेगी। 

वहीं 11/6 रिवर बैंक कॉलोनी निवासी 101 वर्ष की बुजुर्ग महिला पेंशनधारी जयंती जोशी को उनके घर जाकर सीटीओ संजय सिंह व कोषागार अधिकारी सुप्रिया मिश्रा ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। जयंती जोशी न सिर्फ वॉकर स्टिक की मदद से चलती फिरती हैं बल्कि अपने छोटे-मोटे काम भी खुद करती हैं।

 इनके पति विन्धेश्वरी प्रसाद जोशी ब्रिटिश काल के सरकारी अधिकारी थे जो वर्ष 1967 में गृह सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बुजुर्ग मां की देखभाल को साथ रह रहे परिवार के सबसे छोटे पुत्र डॉ. वी. जोशी ने बताया कि उनके पिता भी 103 वर्ष की आयु तक खुद पेंशन लेने जाते थे।

उनकी मृत्यु के बाद ट्रांसफर हुई पेंशन राशि अब मां प्राप्त करती हैं। पेशे से कंसल्टेंट डॉ. जोशी ने बताया कि उनके दो बड़े भाई सेना की नौकरी में वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त होने के बाद अब अपने परिवार के साथ दूसरे शहरों में रह रहे हैं। वह यहां मां के साथ रहते हैं जबकि उनकी पत्नी व बच्चे पढ़ाई के कारण फिलहाल देहरादून में रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed