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Lucknow News: तेल चार और चावल तीन रुपये किलो महंगा
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प्रतीकात्मक।
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लखनऊ। पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बीच बाजार में एक दिन में ही खाद्य तेलों पर 4 रुपये प्रति लीटर, चावल पर तीन और चने की दाल पर दो रुपये किलो की तेजी आई है। पिछले एक सप्ताह में ही खाद्य तेलों पर 15 रुपये, चावल पर चार रुपये किलो तक दाम बढ़े हैं। खास बात यह कि यह महंगाई परिवहन भाड़े की वजह से नहीं, बल्कि बाजार में बढ़ती जमाखोरी से बढ़ी है।
कारोबारियों के मुताबिक, पीएम मोदी की सोना, पेट्रोल डीजल व खाद्य तेल के कम से कम इस्तेमाल की अपील के बाद दाम बढ़ने की आशंका के चलते जमाखोरी शुरू हो गई। हाल ही में आई सरसों की फसल के बावजूद बाजार में सरसों के दामों में 800 रुपये क्विंटल का इजाफा हुआ है। सरसों तेल 160 से 175, रिफाइंड 145-160 हो गया है। उधर, चावल मिलों को कुटाई के लिए पर्याप्त धान नहीं मिल पा रहा है। इससे 38 रुपये किलो वाला चावल पहले 39 और अब 42 रुपये किलो हो गया है। चने की दाल भी 2 रुपये किलो महंगी हुई है। कारोबारी बताते हैं कि चना एमपी, राजस्थान और ऑस्ट्रेलिया से आ रहा है।
पाम ऑयल का आयात भी घटा
सिटी स्टेशन रोड पर खाद्य तेल कारोबारी सिद्धार्थ गुप्ता बताते हैं कि इंडोनेशिया, मलयेशिया पाम ऑयल का एक्सपोर्ट घटा रहे हैं। वह बायोडीजल में पाम ऑयल का इस्तेमाल करना चाह रहे हैं। इससे खाद्य तेलों के दाम एक हफ्ते में 15 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं।
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माल की कमी से बढ़ा संकट
गल्ला मंडी के चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल बताते हैं इस बार चावल का निर्यात बांग्लादेश में खूब हुआ है, जिससे धान की कमी हो गई है। यह अब मिलों को ही बड़ी मुश्किल से मिल रहा है। यही वजह है कि 8-10 दिन में चावल के दाम चार रुपये किलो तक दाम बढ़े हैं।
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कारोबारियों के मुताबिक, पीएम मोदी की सोना, पेट्रोल डीजल व खाद्य तेल के कम से कम इस्तेमाल की अपील के बाद दाम बढ़ने की आशंका के चलते जमाखोरी शुरू हो गई। हाल ही में आई सरसों की फसल के बावजूद बाजार में सरसों के दामों में 800 रुपये क्विंटल का इजाफा हुआ है। सरसों तेल 160 से 175, रिफाइंड 145-160 हो गया है। उधर, चावल मिलों को कुटाई के लिए पर्याप्त धान नहीं मिल पा रहा है। इससे 38 रुपये किलो वाला चावल पहले 39 और अब 42 रुपये किलो हो गया है। चने की दाल भी 2 रुपये किलो महंगी हुई है। कारोबारी बताते हैं कि चना एमपी, राजस्थान और ऑस्ट्रेलिया से आ रहा है।
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पाम ऑयल का आयात भी घटा
सिटी स्टेशन रोड पर खाद्य तेल कारोबारी सिद्धार्थ गुप्ता बताते हैं कि इंडोनेशिया, मलयेशिया पाम ऑयल का एक्सपोर्ट घटा रहे हैं। वह बायोडीजल में पाम ऑयल का इस्तेमाल करना चाह रहे हैं। इससे खाद्य तेलों के दाम एक हफ्ते में 15 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं।
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माल की कमी से बढ़ा संकट
गल्ला मंडी के चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल बताते हैं इस बार चावल का निर्यात बांग्लादेश में खूब हुआ है, जिससे धान की कमी हो गई है। यह अब मिलों को ही बड़ी मुश्किल से मिल रहा है। यही वजह है कि 8-10 दिन में चावल के दाम चार रुपये किलो तक दाम बढ़े हैं।