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चर्चा शुगर रिकवरी की
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 09 Aug 2014 10:59 AM IST
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मिठास से जुड़े महकमे में एक आला अधिकारी के हटने और दूसरे अफसर के आ जाने से शुगर लॉबी खुश है। इस पद पर लगाए गए अधिकारी पहले इस जिम्मेदारी को ‘बखूबी’ निभा चुके हैं।
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हालांकि अब उन पर खजाने के संतुलन की अहम जिम्मेदारी भी है। पता नहीं, तैनाती में खजाने और मिठास का कोई संबंध देखा गया या नहीं ? पुराने अफसर की कम वक्त में रवानगी को लेकर कई तरह की अटकलें हैं।
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एक चर्चा शुगर इंडस्ट्री पर उनके सिनोप्सिसनुमा पत्र को लेकर भी है। खैर जो भी हो, कहा जा रहा है कि नए अफसर की तैनाती से कई ‘फील गुड’ कर रहे हैं।
यह अलग बात है कि चुनावी साल में उनकी तैनाती होने के बावजूद गन्ना कास्तकारों के अच्छे दिन नहीं आ सके।
इस पर पूर्वांचल की एक गन्ना सोसायटी के चेयरमैन ने सटीक टिप्पणी की, अब चिंता गन्ने की नहीं, उसके जूस की है। रेट की नहीं रिकवरी की है ? इसीलिए जनता ने वोट की चोट ढीली कर दी।
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