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खुला खेल फर्रुखाबादी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 25 Jul 2014 10:45 AM IST
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कुछ लोग ढका-छिपा कर काम करते हैं और कुछ खुल्लम-खुल्ला। अपने यहां शिक्षा विभाग में भी आजकल कुछ ऐसा ही चल रहा है।
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सही कहा जाए तो खुला खेल फर्रुखाबादी वाला। अफसरों को तैनाती देने के लिए पैमाना बदल दिया गया। पैमाना सिर्फ एक ही रखा गया...। अब इसे बताने की जरूरत नहीं है, हर ओर इसकी चर्चा है।
विभाग से लेकर सत्ता के गलियारे तक में इस चर्चा को सुना जा सकता है। कुछ अफसर तो इसे बसपा सरकार के कार्यकाल जैसा बताते हैं।
उस समय के एक मंत्री का कुछ ऐसा ही जलवा था। हालांकि, वह मौजूदा समय जेल की हवा का खा रहे हैं। पर हो चाहे जो भी शिक्षा विभाग आजकल चर्चा में है। हर जुबान पर इसी विभाग और मंत्री जी का नाम है।
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