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सीएम योगी के पहले आदेश का देखिए क्या हुआ हाल...
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:30 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश को अफसर तवज्जो देने को तैयार नहीं। मुख्यमंत्री को अफसरों से चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मांगे चार महीने होने वाले हैं।
तय प्रारूप में विभागों ने यह सूचना अब तक सरकार को उपलब्ध नहीं कराई। कार्मिक विभाग ने शासन के शीर्ष अधिकारियों को एक बार फिर 31 जुलाई तक सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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मुख्यमंत्री ने 18 मार्च को सत्ता संभालने के दूसरे ही दिन शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को निर्देशित किया था कि वे 15 मार्च की स्थिति के अनुसार अपनी चल व अचल संपत्ति की जानकारी 6 अप्रैल तक कार्मिक विभाग को उपलब्ध करा दें।
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इसके अलावा उनसे अपनी अधीनस्थ सभी कर्मियों से जुड़ी ये सूचनाएं भी उपलब्ध कराने को कहा था। 21 मार्च को तत्कालीन मुख्य सचिव ने इस संबंध में विस्तृत आदेश भी जारी कर दिया।
अफसरों को हिदायत दी गई कि यह कार्यवाही राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है और इसमें शिथिलता को प्रतिकूल तथ्य के रूप में देखा जाएगा। इतने कड़े निर्देश के बावजूद बड़ी संख्या में अफसरों ने यह सूचना समय से उपलब्ध नहीं कराई।
कई लोगों की सूचनाएं मिलीं तो वह तय प्रारूप पर नहीं थीं। इसके बाद से दो सख्त रिमाइंडर भी दिए गए। मुख्य सचिव स्तर पर बैठकें भी हुईं, लेकिन तय प्रारूप पर सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
विशेष सचिव कार्मिक अशोक कुमार श्रीवास्तव ने शासन के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को फिर पत्र लिखा है।
इसमें पिछले निर्देशों की याद दिलाते हुए अब तक मुकम्मल सूचना उपलब्ध न कराने की बात कही है। श्रीवास्तव ने इन शीर्ष अधिकारियों से कहा है कि वे 31 जुलाई तक सभी सूचनाएं तय प्रारूप पर उपलब्ध करा दें।