शिवपाल बोले, लेखपाल भर्ती के लिए हो रही वसूली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लेखपाल भर्ती परीक्षा के ऐन पहले राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि लेखपाल भर्ती के नाम पर अफसर भी वसूली कर रहे हैं। उनकी और सरकार की नजदीकियों का हवाला देकर वसूली किए जाने की बात जानकारी में आई है। इनमें एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।
राजस्व मंत्री शुक्रवार को राजस्व परिषद में लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा की तैयारियों की जानकारी देने के लिए पत्रकारों से मुखातिब थे। यह परीक्षा 13 सितंबर को सूबे के 2192 परीक्षा केंद्रों पर होगी। यादव ने बताया कि सरकार ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारी की है। हालांकि तमाम तरह की अफवाहें भी चल रही हैं। जानकारी में आया है कि दलाल सक्रिय हैं। भर्ती के नाम पर रैकेट भी चल रहे हैं।
पैसा लेने वाले-देने वाले दोनों जाएंगे जेल
राजस्व मंत्री ने कहा कि डीजीपी और खुफिया पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती के नाम पर पैसा लेने और देने वाले दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजें। भले ही वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक किसी को पकड़ा नहीं जा सका है। मंत्री ने अभ्यर्थियों व अभिभावकों से अपील की कि कोई कितना भी उनका खास बताए, प्रलोभन दे, वे किसी के प्रभाव में न आएं।
फोन नंबर होगा जारी, कर सकेंगे लेन-देन की शिकायत
मंत्री ने बताया कि राजस्व परिषद जल्द ही एक फोन नंबर जारी करेगी। यदि किसी को भी पैसे के लेन-देन की सूचना मिलती है तो वह इस नंबर पर सूचित कर सकेगा। सरकार तत्काल खुफिया पुलिस को लगाकर ऐसे लोगों को गिरफ्तार कराकर जेल भेजेगी।
निष्पक्ष भर्ती के लिए उठाए पारदर्शी कदम
राजस्व मंत्री ने बताया कि लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी टीसीएस जैसी नामचीन संस्था को सौंपी गई है जिसने न्यायपालिका से जुड़ी परीक्षा भी कराई है। टीसीएस और राजस्व परिषद के अलावा अभ्यर्थी को भी उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी मिलेगी। गड़बड़ी का अंदेशा होने पर तीनों उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान किया जा सकता है।
लेखपाल भर्ती परीक्षा कल, तैयारियां पूरी
कुल पद - 13,316
भर्ती की तिथि-13 सितंबर
कुल आवेदक - 26,84,623
परीक्षा केंद्र-2192
1 लाख से अधिक परीक्षार्थी-लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर व आगरा।
50 हजार से अधिक परीक्षार्थी- आजमगढ़, जौनपुर, मेरठ, गाजीपुर, बलिया, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद व अलीगढ़।
लिखित परीक्षा पर यूं रहेगी नजर
- शासन स्तर से सभी जिलों में विशेष सचिव स्तर के अधिकारी बतौर पर्यवेक्षक तैनात होंगे।
- परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षण की दोहरी व्यवस्था। हर परीक्षा केंद्र पर टीसीएस और जिला प्रशासन के पर्यवेक्षक रहेंगे।
- जिलों को सेक्टर व जोन में बांटा गया। इनमें मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी।
- जिलों की मांग के अनुसार परीक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस दी जा रही है।
- परीक्षा में अनुचित साधन के इस्तेमाल और परीक्षा केंद्रों में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को सख्ती से रोकने के निर्देश।
-परीक्षा में लगे व्यक्तियों से नो रिलेशनशिप घोषणापत्र भरवा रहे हैं।
-परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए आईजी जोन, मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम, एसएसपी व एसपी को निर्देश।