{"_id":"58b66d404f1c1b0574830e1b","slug":"officer-suspended-in-conductor-recruitment-scam","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कंडक्टर भर्ती में घोटाला करने वाला अफसर बर्खास्त, दो और पर गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंडक्टर भर्ती में घोटाला करने वाला अफसर बर्खास्त, दो और पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 01 Mar 2017 05:18 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर क्षेत्र के कई जिलों में संविदा कंडक्टरों की भर्ती में हुई गड़बड़ी के आरोपी क्षेत्रीय प्रबंधक रामजीत वर्मा को परिवहन निगम ने बर्खास्त कर दिया है। वे वर्तमान में प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक फैजाबाद में तैनात थे।
इसके साथ ही गाजियाबाद में तैनात सहायक विधि अधिकारी आरके चौधरी को भी शासकीय कार्यों में शिथिलता बरतने के आरोप में निगम के एमडी ने सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। चौधरी वर्तमान में आगरा क्षेत्र में तैनात थे।
दरअसल, रोडवेज की बसों में कंडक्टरों की भर्ती में गोरखपुर क्षेत्र में काफी गड़बड़ियां सामने आई थीं। इस मामले में निगम के एमडी ने रामजीत वर्मा ने स्पष्टीकरण मांगा था, जो उन्होंने नहीं दिया। मंगलवार को परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के. रविन्द्र नायक ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी को 27 फरवरी की तारीख से बर्खास्त कर दिया।
विज्ञापन
वहीं, सहायक विधि अधिकारी आरके चौधरी को भी सेवा से बर्खास्त किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने गाजियाबाद क्षेत्र में तैनाती के दौरान निगम की जगह दूसरे पक्ष से मिल गए थे।
विज्ञापन
इसके साथ ही गाजियाबाद में तैनात सहायक विधि अधिकारी आरके चौधरी को भी शासकीय कार्यों में शिथिलता बरतने के आरोप में निगम के एमडी ने सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। चौधरी वर्तमान में आगरा क्षेत्र में तैनात थे।
विज्ञापन
दरअसल, रोडवेज की बसों में कंडक्टरों की भर्ती में गोरखपुर क्षेत्र में काफी गड़बड़ियां सामने आई थीं। इस मामले में निगम के एमडी ने रामजीत वर्मा ने स्पष्टीकरण मांगा था, जो उन्होंने नहीं दिया। मंगलवार को परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के. रविन्द्र नायक ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी को 27 फरवरी की तारीख से बर्खास्त कर दिया।
विज्ञापन
वहीं, सहायक विधि अधिकारी आरके चौधरी को भी सेवा से बर्खास्त किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने गाजियाबाद क्षेत्र में तैनाती के दौरान निगम की जगह दूसरे पक्ष से मिल गए थे।
एक अफसर डिमोट
डेमो पिक
न्यायालय में ठीक से पैरवी न होने के कारण कई मामलों में एमडी को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होना पड़ा। इसके अलावा क्षेत्रीय प्रबंधक बनाम डिप्टी कमिश्नर इनकम टैक्स गाजियाबाद के मामले में निगम को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। इसके साथ ही विभिन्न मोटर एक्सीडेंटल केसों में निगम को भारी हानि उठानी पड़ी। आरके चौधरी वर्तमान में आगरा क्षेत्र में तैनात थे। उन्हें भी निगम की सेवाओं से 27 फरवरी की तारीख से बर्खास्त कर दिया गया है।
तीसरा मामला सुल्तानपुर के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन शुक्ल का है। इन पर आरोप है कि सुल्तानपुर डिपो में तैनाती के दौरान बस अड्डे की साफ-सफाई, पेयजल, बिजली व्यवस्था में खामियां, डीजल स्टोरेज टैंक की सुरक्षा पर ध्यान न देने, अनुबंधित बस मालिकों को बिना बसें चलाए ही भुगतान किए जाने व बिना टिकट यात्री के मामलों को नियम विरुद्ध निस्तारित करने आदि के आरोप हैं।
इन्हें मूल वेतन पर डिमोट कर दिया गया है। वे वर्तमान में यातायात अधीक्षक फैजाबाद के पद पर तैनात थे। साथ ही भविष्य में इन्हें किसी भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती न करने के आदेश दिए हैं।
तीसरा मामला सुल्तानपुर के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन शुक्ल का है। इन पर आरोप है कि सुल्तानपुर डिपो में तैनाती के दौरान बस अड्डे की साफ-सफाई, पेयजल, बिजली व्यवस्था में खामियां, डीजल स्टोरेज टैंक की सुरक्षा पर ध्यान न देने, अनुबंधित बस मालिकों को बिना बसें चलाए ही भुगतान किए जाने व बिना टिकट यात्री के मामलों को नियम विरुद्ध निस्तारित करने आदि के आरोप हैं।
इन्हें मूल वेतन पर डिमोट कर दिया गया है। वे वर्तमान में यातायात अधीक्षक फैजाबाद के पद पर तैनात थे। साथ ही भविष्य में इन्हें किसी भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती न करने के आदेश दिए हैं।