फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   number of bangladeshi people in lucknow is increasing

राजधानी लखनऊ में बांग्लादेशियों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी

Wed, 20 Oct 2021 01:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 01:45 AM IST
विज्ञापन
number of bangladeshi people in lucknow  is increasing
लखनऊ। राजधानी में बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हर साल इनकी संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पुलिस विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि राजधानी में करीब 60 से 70 हजार बांग्लादेशी नागरिक अलग-अलग झुग्गी बस्तियों में रह रहे हैं। इनमें से ज्यादातर कूड़ा बीनने, कबाड़ खरीदने व बेचने का काम करते हैं। इन सभी के बीच में कुछ छिपकर अपराध भी कर रहे हैं।
विज्ञापन

बांग्लादेश के नागरिकों की संख्या राजधानी में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में बढ़ रही है। एक साल पहले इनकी अनुमानित संख्या करीब 10 लाख थी। ज्यादातर ये बांग्लादेशी लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुरादाबाद जैसे बड़े शहरों में झुग्गी-बस्ती बनाकर बस गए हैं। यह इन इलाकों में कूड़ा उठाने, कबाड़ की खरीद-फरोख्त, फेरी लगाकर चाय बेचने समेत अन्य काम कर रहे है। राजधानी में इनकी सबसे अधिक संख्या है। लखनऊ में ये बांग्लादेशी गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, विभूतिखंड, चिनहट, इंदिरानगर, गुडंबा, जानकीपुरम, मड़ियांव, बीकेटी, पीजीआई, आशियाना, कृष्णानगर, सरोजनीनगर इलाके में बस गए हैं। खासकर ऐसे इलाकों में इनकी बस्तियां हैं जहां पर नई कॉलोनियां बस रही हैं। आसपास के करीब तीन से पांच किलोमीटर के दायरे में घूमकर ये कूड़ा उठाने, कबाड़ खरीदने बेचने जैसे काम करते है। वहीं महिलाएं आसपास के घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं।
विज्ञापन

सत्यापन अभियान की रफ्तार थमी
चार साल पहले बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों के चिह्नीकरण का काम शुरू किया गया। इस काम के लिए लखनऊ के सभी थानों को निर्देश दिए गए। सभी चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया गया था कि वे अपने क्षेत्र में इस तरह की बस्तियों में रहने वाले सभी लोगों के बारे में जानकारी रजिस्टर में दर्ज करें। लेकिन कुछ दिनों बाद यह काम रुक गया। जब बांग्लादेशी डकैतों ने ताबड़तोड़ कई वारदात कीं तो सत्यापन काम फिर शुरू हुआ लेकिन फिर इसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई। हालांकि पुलिस अधिकारी दावा करते हैं कि इन बस्तियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed