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नग्न तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर दर्ज कराया था पूर्व मंत्री पर मुकदमा
Sun, 06 Sep 2020 09:05 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 06 Sep 2020 09:05 PM IST
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गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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गौतमपल्ली थाने में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला ने एक साल पहले बयान बदलकर हड़कंप मचा दिया था। महिला ने गौतमपल्ली थाने में एक तहरीर दी। जिसमें आरोपी लगाया कि पूर्व मंत्री के करीबी राम सिंह अपने दो साथियों संग मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पांच लोगों ने मिलकर उसकी नग्न तस्वीरें व वीडियो बना ली। जिसे दिखाकर वायरल करने की धमकी देते थे। इसके बाद पूर्व मंत्री के खिलाफ साजिश रचकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। इसके लिए डीजीपी कार्यालय से लेकर दिल्ली सुप्रीम कोर्ट तक अपने खर्चे पर लेकर गये। इस दौरान उसके व उसकी बेटी के साथ कई बाद दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की तहरीर पर करीब पांच महीने बाद पुलिस ने दिसंबर में मुकदमा दर्ज किया था।
पीड़िता का आरोप है कि 2016 में हमीरपुर राठ के अतरौलिया निवासी राम सिंह उसे लेकर पार्क रोड स्थिति सरकारी आवास गया। वहां चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया। जिससे वह बेहोश हो गई। उसके साथ राम सिंह ने दुष्कर्म किया। उसकी वीडियो व फोटो नग्न हालात में बना ली। जिसे दिखाकर धमकी देता रहा कि जो कह रहा हूं करना होगा नहीं तो वीडियो व फोटो वायरल कर दूंगा। इसक े जरिए उसने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसके बाद वह दिल्ली लेकर गया। जहां पहाड़गंज के होटल में ठहराया। इसके बाद लखनऊ स्थित इंदिरानगर के होटल डिवाइन में लेकर रहा। इस दौरान वह कई बार दुष्कर्म किया। दिल्ली व लखनऊ के होटल में उसने नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म किया। इस दौरान उसके साथ वकील दिनेश त्रिपाठी व आंशू गौड़ मौजूद थे। इसके बाद साजिश रचकर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, अमरेंद्र सिंह, विकाश वर्मा, रूपेश, चंद्रपाल, अशोक तिवारी के खिलाफ फर्जी कहानी तेयार की। आंशू गौड़, राम सिंह ने एक रजिस्ट्री की। जिसमें आशीष शुक्ला के खिलाफ शिकायत की। जिसमें मेरे अंग्रेजी में दस्तखत थे। राम सिंह ने आंशू गौड़ के साथ डीजीपी कार्यालय भी भेजा। वहां उसे बाहर खड़ा किया गया। आंशू अंदर गया। कुछ देर बाद वापस आ गया। उसे दूसरा फर्जी प्रार्थना पत्र दिखाया। जिस पर हिंदी में दस्तखत थे।
मां-बेटी को बंधक बनाकर कराया सादे पेपर पर दस्तखत
पीड़िता का आरोप है कि राम सिंह व आंशू गौड़ ने उसे व बेटी को बंधक बना लिया। कई सादे पेपर पर दस्तखत कराये। इसकेबाद साथ ही दिल्ली लेकर गये। जहां सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल की। रिट पर दस्तखत राम सिंह ने दस्तखत किये थे। इसके साक्ष्य मेरे पास उपलब्ध हैं। कुछ अंग्रेजी में पेपर टाइप कराने केबाद एक वकील के चेंबर में मेरे दस्तखत कराए गये। 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट को धोखा देकर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश हासिल कर लिया। राम सिंह ने गौतमपल्ली पुलिस की मिली भगत से स्वयं तहरीर बनाकर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति सहित सात केखिलाफ तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। राजनैतिक स्वार्थ के लिए राम सिंह व आंशू गौड़ गायत्री प्रजापति को ब्लैकमेल करने के लिए मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में उसने शपथ पत्र देकर वारदात से इंकार किया है। मैने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया है।
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तारीख पेशी के दौरान की थी हत्या की कोशिश
पीड़िता का आरोप है कि उसके 164 के बयान दर्ज कराने के समय भी झूठा प्रार्थना पत्र दिया गया। कि उसकी तबियत खराब है। इसके बाद वकील के साथ मिलकर शपथ पत्र के जरिए बयान दर्ज कराया। यहां तक कि बेटी के उम्र व नाम बदलकर प्रमाण पत्र भी फर्जी तरीके से तैयार किये गये थे। कोर्ट को भी गुमराह करने के लिए दूसरी किशोरी को पेश कर दिया। पीड़िता ने राम सिंह द्वारा दर्ज कराये गये मुकदमें की तहरीर की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराने की मांग की है। विरोध करने पर उसे एक बार तारीख पेशी पर जाने के पहले जान से मारने की धमकी। वहीं तारीख पेशी पर जाने के दौरान गाड़ी को ओवरटेक कर कुचलकर हत्या की कोशिश भी की गई।
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पीड़िता का आरोप है कि 2016 में हमीरपुर राठ के अतरौलिया निवासी राम सिंह उसे लेकर पार्क रोड स्थिति सरकारी आवास गया। वहां चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया। जिससे वह बेहोश हो गई। उसके साथ राम सिंह ने दुष्कर्म किया। उसकी वीडियो व फोटो नग्न हालात में बना ली। जिसे दिखाकर धमकी देता रहा कि जो कह रहा हूं करना होगा नहीं तो वीडियो व फोटो वायरल कर दूंगा। इसक े जरिए उसने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसके बाद वह दिल्ली लेकर गया। जहां पहाड़गंज के होटल में ठहराया। इसके बाद लखनऊ स्थित इंदिरानगर के होटल डिवाइन में लेकर रहा। इस दौरान वह कई बार दुष्कर्म किया। दिल्ली व लखनऊ के होटल में उसने नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म किया। इस दौरान उसके साथ वकील दिनेश त्रिपाठी व आंशू गौड़ मौजूद थे। इसके बाद साजिश रचकर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, अमरेंद्र सिंह, विकाश वर्मा, रूपेश, चंद्रपाल, अशोक तिवारी के खिलाफ फर्जी कहानी तेयार की। आंशू गौड़, राम सिंह ने एक रजिस्ट्री की। जिसमें आशीष शुक्ला के खिलाफ शिकायत की। जिसमें मेरे अंग्रेजी में दस्तखत थे। राम सिंह ने आंशू गौड़ के साथ डीजीपी कार्यालय भी भेजा। वहां उसे बाहर खड़ा किया गया। आंशू अंदर गया। कुछ देर बाद वापस आ गया। उसे दूसरा फर्जी प्रार्थना पत्र दिखाया। जिस पर हिंदी में दस्तखत थे।
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मां-बेटी को बंधक बनाकर कराया सादे पेपर पर दस्तखत
पीड़िता का आरोप है कि राम सिंह व आंशू गौड़ ने उसे व बेटी को बंधक बना लिया। कई सादे पेपर पर दस्तखत कराये। इसकेबाद साथ ही दिल्ली लेकर गये। जहां सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल की। रिट पर दस्तखत राम सिंह ने दस्तखत किये थे। इसके साक्ष्य मेरे पास उपलब्ध हैं। कुछ अंग्रेजी में पेपर टाइप कराने केबाद एक वकील के चेंबर में मेरे दस्तखत कराए गये। 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट को धोखा देकर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश हासिल कर लिया। राम सिंह ने गौतमपल्ली पुलिस की मिली भगत से स्वयं तहरीर बनाकर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति सहित सात केखिलाफ तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। राजनैतिक स्वार्थ के लिए राम सिंह व आंशू गौड़ गायत्री प्रजापति को ब्लैकमेल करने के लिए मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में उसने शपथ पत्र देकर वारदात से इंकार किया है। मैने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया है।
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तारीख पेशी के दौरान की थी हत्या की कोशिश
पीड़िता का आरोप है कि उसके 164 के बयान दर्ज कराने के समय भी झूठा प्रार्थना पत्र दिया गया। कि उसकी तबियत खराब है। इसके बाद वकील के साथ मिलकर शपथ पत्र के जरिए बयान दर्ज कराया। यहां तक कि बेटी के उम्र व नाम बदलकर प्रमाण पत्र भी फर्जी तरीके से तैयार किये गये थे। कोर्ट को भी गुमराह करने के लिए दूसरी किशोरी को पेश कर दिया। पीड़िता ने राम सिंह द्वारा दर्ज कराये गये मुकदमें की तहरीर की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराने की मांग की है। विरोध करने पर उसे एक बार तारीख पेशी पर जाने के पहले जान से मारने की धमकी। वहीं तारीख पेशी पर जाने के दौरान गाड़ी को ओवरटेक कर कुचलकर हत्या की कोशिश भी की गई।