निवेश बढ़ाने के लिए CM ने दिया 'एनआरआई गिफ्ट'
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प्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के मक्सद से अप्रवासी भारतीयों को एक खास तोहफा दिया है।
प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए हर तरह की कोशिश में जुटी सरकार ने अप्रवासी भारतीयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सूबे में अलग से नॉन रेजीडेंट इंडियंस (एनआरआई ) विभाग गठित कर दिया है।
इस संबंध में सचिव सचिवालय प्रशासन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। प्रदेश के करीब दो लाख एनआरआई विदेशों में कार्यरत हैं।
इनमें से अधिकतर केपरिवारीजन प्रदेश में ही रहते हैं। सरकार सूबे में निवेश के लिए इन अप्रवासी भारतीयों की क्षमता का उपयोग करना चाहती है।
शुरू हो गई कार्यवाही
विदेशी कंपनियों व उद्यमियों के साथ संपर्क में एनआरआई प्रदेश के लिए अहम कड़ी साबित होते रहे हैं।
वित्त वर्ष 2013-14 में शासन स्तर पर एनआरआई से संपर्क बढ़ाने पर विचार-विमर्श के दौरान एनआरआई नाम से अलग विभाग बनाए जाने का सुझाव आया था।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन ने विचार पर सहमति जताते हुए एनआरआई व उनके परिजनों की समस्याओं के समाधान के लिए उद्योग बंधु में एनआरआई सेल का गठन कराने के साथ ही विभाग के गठन की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया था।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि एनआरआई नाम से विभाग गठित करने के प्रस्ताव को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वित्तीय वर्ष 2014-15 के विकास एजेंडे में शामिल किया गया था। एजेंडे पर तेजी से कार्यवाही करते हुए विभाग का गठन कर दिया गया है।
विभाग के प्रमुख काम होंगे
- एनआरआई से पूंजी निवेश कराना
- एनआरआई की वीजा आदि की समस्याओं का समाधान कराना
- एनआरआई के परिवार की स्थानीय समस्याओं का समाधान कराना
- कोई एनआरआई यदि अपने परिवारीजन के नाम पर स्कूल, अस्पताल आदि खोलना चाहता है तो उसके लिए जरूरी सहयोग
- यदि कोई एनआरआई प्रदेश में आकर अपनी जन्मस्थली की खोज व पूर्वजों के बारे में जानकारी करना चाहता है तो उसमें मदद करना।