बर्थडे पार्टी मना रहा था जेल का डॉक्टर, सीबीआई ने दबोचा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार महीने से फरार चल रहे एनआरएचएम घोटाले के आरोपी जिला जेल के डाक्टर को सीबीआई ने बुधवार रात दबोच लिया। गाजियाबाद से आई टीम ने डॉ. आरएन वर्मा के घर में तब दबिश दी जब वे अपने बेटे के जन्मदिन की पार्टी में मशगूल थे।
रात में ही चिकित्सक का मेडिकोलीगल कराकर टीम उन्हें अपने साथ गाजियाबाद ले गई। मालूम हो कि सीबीआई गाजियाबाद कोर्ट ने सरेंडर न करने पर आरोपी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था।
जिला जेल बहराइच में तैनात डॉ. आरएन वर्मा पूर्व में श्रावस्ती जिले के गिलौला सीएचसी के प्रभारी थे। वर्ष 2006-07 व 2008-09 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत पांच दवाइयों के किट की खरीद श्रावस्ती स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर की गई थी।
नियम के मुताबिक डी-वार्मिंग टेबलेट की खरीद रेट कांट्रैक्ट के आधार पर की जानी थी, जबकि आयरन टेबलेट की खरीददारी निर्माता कंपनी से होनी चाहिए थी। लेकिन, नियमों को दरकिनार कर दवाइयों की खरीददारी की गई।
इस डॉक्टर ने किया था बड़ा घोटाला
60 पैसे में मिलने वाली डी-वार्मिंग टेबलेट को साढ़े पांच रुपये में खरीदा गया, जबकि दो पैसे में मिलने वाली आयरन की टेबलेट की खरीद सवा दो रुपये में की गई।
करोड़ों की इस हेराफेरी का खुलासा सीबीआई जांच रिपोर्ट में हुआ है। यह भी खुलासा हुआ कि इन दवाइयों की आपूर्ति मेडिसिन टाइम्स नामक फर्म द्वारा की गई थी। सीबीआई द्वारा गाजियाबाद कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में श्रावस्ती के पूर्व सीएमओ डॉ. एसके महराज, डॉ. एसके त्रिपाठी, डॉ. अशोक कुमार के साथ डॉ. आरएन वर्मा को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
डॉ. आरएन वर्मा के हस्ताक्षर दवा खरीद दस्तावेजों पर मिले थे। अगस्त में सीबीआई ने डॉ. वर्मा को कोर्ट में हाजिर होने का नोटिस जारी किया था लेकिन वे ऑपरेशन का हवाला देकर चार महीने तक सीबीआई से लुकाछिपी का खेल खेलते रहे।