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सपा में दागियों की इंट्री: NRHM घोटाले के आरोपी सपा की साइकिल पर सवार
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 29 Sep 2016 02:10 AM IST
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
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हम लें तो पाक-साफ, दूसरे के साथ जाए तो दागी। विभिन्न आरोपों से घिरे सियासी नेताओं को लेकर राजनीतिक दलों का रवैया कुछ इसी तरह का होता जा रहा है।
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बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल के सपा में विलय को संसदीय बोर्ड ने भले ही लाल झंडी दिखाई हो लेकिन समाजवादी पार्टी में दागियों की एंट्री जारी है। कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव के बाद पूर्व मंत्री अयोध्या पाल भी सपा में शामिल हो गए हैं।
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कौमी एक ता दल के सपा में विलय की घोषणा 21 जून को शिवपाल सिंह यादव ने की थी। इससे नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसी दिन विलय के सूत्रधार कैबिनेट मंत्री बलराम यादव को बर्खास्त कर दिया था।
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मुलायम ने उन्हें ही कौमी एकता दल के अध्यक्ष अफजाल अंसारी और विधायक सिगबतुल्ला अंसारी से बातचीत के लिए भेजा था। 25 जून को सपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड ने इस विलय को खारिज कर दिया था। उस समय संदेश गया था कि बाहुबली, दागी नेताओं को लेकर सपा में शीर्ष नेतृत्व की राय जुदा-जुदा है।
'दागियों को गले लगाने में कोई पीछे नहीं'
अखिलेश यादव व अयोध्या पाल
- फोटो : amar ujala
अखिलेश यादव यादव जहां दागियों की एंट्री के खिलाफ है, वहीं मुलायम सिंह व शिवपाल चुनावी राजनीति में उनसे परहेज नहीं बरतते। अब लगता है कि सपा में दागियों को गले लगाने में कोई पीछे नहीं है। मुख्यमंत्री अखिलेश को भी उनके परहेज नहीं रहा। इसी महीने सपा में दो दागी विधायक शामिल हुए हैं। दोनों ने मुख्यमंत्री के समक्ष सपा ज्वाइन की है।
लोकायुक्त ने सही पाए थे अयोध्या सिंह पर आरोप
फतेहपुर जिले की अयाहशाह सीट से बसपा विधायक और पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल ने 27 सितंबर को सीएम अखिलेश यादव से मिलकर सपा में शामिल होने की घोषणा की। पाल के खिलाफ लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच की थी।
लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप सही पाते हुए राज्य सरकार से उनके आपराधिक जांच की सिफारिश की थी। विजिलेंस ने उनके खिलाफ जांच पूरी करके शासन को रिपोर्ट भेज दी है। बसपा ने कुछ दिन पहले ही उनका टिकट काटा है।
लोकायुक्त ने सही पाए थे अयोध्या सिंह पर आरोप
फतेहपुर जिले की अयाहशाह सीट से बसपा विधायक और पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल ने 27 सितंबर को सीएम अखिलेश यादव से मिलकर सपा में शामिल होने की घोषणा की। पाल के खिलाफ लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच की थी।
लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप सही पाते हुए राज्य सरकार से उनके आपराधिक जांच की सिफारिश की थी। विजिलेंस ने उनके खिलाफ जांच पूरी करके शासन को रिपोर्ट भेज दी है। बसपा ने कुछ दिन पहले ही उनका टिकट काटा है।