फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   now you will be able to decide house tax yourself, online facility will start from 20th September

अब खुद तय कर सकेंगे हाउस टैक्स, 20 सितंबर से ऑनलाइन सुविधा शुरू

Thu, 10 Sep 2020 10:56 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 10 Sep 2020 10:56 AM IST
विज्ञापन
now you will be able to decide house tax yourself, online facility will start from  20th September
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : DEMO Pics

अब लखनऊवासी अपने मकान का गृहकर निर्धारण खुद कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें बाबू और टैक्स इंस्पेक्टर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए नगर निगम प्रशासन 20 सितंबर से ऑनलाइन सुविधा शुरू करेगा। इसमें खुद हाउस टैक्स की गणना के बाद आवेदक सीधे उसे नगर निगम में जमा कर देगा।

विज्ञापन


नगर निगम में स्वकर निर्धारण प्रणाली दो दशक पहले आई थी, लेकिन अफसरों और कर्मचारियों ने इसे अब तक लागू ही नहीं होने दिया। ऐसा न होता तो बाबू और टैक्स इंस्पेक्टर के चक्कर काटने से राहत मिल जाती। अपने फायदे के लिए इन्होंने खुद टैक्स निर्धारण कराने आने वालों को भी दौड़ाते हैं, लेकिन अब इससे राहत मिलने वाली है।
विज्ञापन


नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने स्वकर निर्धारण को 20 सितंबर से लागू करने का दावा किया है। इसे नगर निगम की ऑनलाइन सुविधा के साथ जोड़ा जाएगा। भवन स्वामी कहीं से भी गृहकर का निर्धारण कर सकेंगे। अभी कहने को तो स्वकर के फॉर्म भरवाए जाते हैं, लेकिन बिना टैक्स इंस्पेक्टर, बाबू की रिपोर्ट के टैक्स जमा नहीं होता।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो लाख और मकानों से मिलेगा टैक्स

पार्षद अमित चौधरी कहते हैं कि स्वकर निर्धारण शुरू हो जाए तो कम से कम दो लाख और मकान गृहकर के दायरे में आ जाएंगे। शहर में तमाम कॉलोनियां ऐसी हैं, जो दस साल पहले बस चुकी हैं, पर यहां कर निर्धारण नहीं किया गया है। कार्यकारिणी सदस्य मो. सलीम, पार्षद राजकुमार सिंह राजा, शैलेंद्र सिंह बल्लू कहते हैं कि स्वकर प्रणाली लागू होने से नगर निगम की आय भी बढ़ेगी।

ऐसे होगी गृहकर की गणना
एक साल के गृहकर की गणना के लिए सबसे पहले कारपेट एरिया निकालेंगे। ड्राइंग रूम और कमरों का पूरा क्षेत्रफल, किचन, स्टोर, बालकनी और कॉरीडोर के 50 प्रतिशत क्षेत्रफल को जोड़ेंगे। इसके बाद कुल कारपेट एरिया निकल आएगा। इसे तय गृहकर मासिक दर से गुणा करेंगे और जो आएगा उसे 12 से गुणा करेंगे। ऐसा करने पर भवन का वार्षिक किराया मूल्यांकन (एआरवी) निकल आएगा। इसे 15 से भाग देंगे। इसके बाद जो आएगा, वह एक साल का गृहकर होगा।

खुद रहते हैं तो टैक्स कम
हाउस टैक्स एआरवी का 15 प्रतिशत लिया जाता है। यदि भवनस्वामी खुद उसमें रहता है तो टैक्स कम लगता है। भवन दस साल तक पुराना है तो 25, दस साल से अधिक और बीस साल से कम पुराना है तो 32.5 और बीस साल से अधिक पुराना है तो 40 प्रतिशत एआरवी कम हो जाएगी। जो एआरवी आएगी उस पर 15 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

भवन किराये पर तो बढ़ेगी एआरवी

भवन किराये पर है तो उसकी एआरवी बढ़ाने का नियम है। भवन दस साल तक पुराना है तो 25, दस साल से अधिक और बीस साल से कम पुराना है तो 12.5 और बीस साल से अधिक पुराना है तो एआरवी में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी। जो एआरवी आएगी उस पर 15 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

- कच्चे-पक्के मकान के आधार पर हैं दरें
गृहकर की गणना के लिए नगर निगम की ओर से क्षेत्र की लोकेशन, विकास की स्थिति, सड़क की चौड़ाई और मकान कच्चा है या पक्का या आरसीसी की छत वाला है, उसके आधार पर दरें तय की गई हैं। यह 50 पैसे प्रतिवर्ग फीट से लेकर दो रुपये 50 पैसे प्रति वर्ग फीट तक है।
- किस पर कितना लगता है टैक्स
- कमरे व ड्राइंग रूम के पूरे क्षेत्रफल पर
- किचन, स्टोर, बालकनी, कॉरीडोर के 50 प्रतिशत क्षेत्रफल पर
- गैराज के 25 प्रतिशत क्षेत्रफल पर
- स्नान गृह, शौचालय,  पोर्टिको व जीने के नीचे के एरिया पर टैक्स नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed