बदल गई रेलवे में टिकट बुक कराने की व्यवस्था
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रेल आरक्षण केंद्रों पर तत्काल कोटे की भीड़ कम करने के लिए रेलवे ने स्लीपर और एसी क्लास का समय अलग करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि रेलवे 15 जून से एसी का तत्काल टिकट सुबह 10 बजे जारी करेगा जबकि स्लीपर क्लास के लिए ओपनिंग 11 बजे से होगी। वहीं रेलवे के ई-टिकट बनाने वाले अधिकृत एजेंट, आरटीएस और एसटीबीएस क्लास के एजेंट तत्काल और सामान्य आरक्षण खुलने के 30 मिनट बाद टिकट बना सकेंगे।
फिलहाल अगले दिन की आरंभिक ट्रेनों का स्लीपर और एसी क्लास का तत्काल कोटा एक साथ सुबह 10 बजे शुरू होता है। स्लीपर और एसी सेकेंड, एसी थर्ड व चेयरकार के लिए आरक्षण केंद्रों पर लंबी लाइन लग जाती है।
इसलिए बदला नियम
ट्रेनों में स्लीपर की अधिक और एसी क्लास की कम सीटें होती हैं। आगे लाइन में स्लीपर क्लास के दो या तीन टिकट भी बन जाते हैं तो उसके पीछे नंबर लगाने वाले एसी क्लास के यात्रियों को वेटिंग ही मिलती है। इसकी शिकायत कई महीनों से रेलवे बोर्ड से की जा रही थी।
रेलवे बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) को साफ्टवेयर में अपडेट करने का आदेश दे दिया है। इतना ही नहीं दलालों पर अंकुश लगाने के लिए भी रेलवे ने 15 जून से ई-टिकट बनाने वाले अधिकृत एजेंट, आरटीएस और एसटीबीएस श्रेणी के एजेंटों को भी 30 मिनट बाद टिकट जारी करने की व्यवस्था कर दी है।
अब यह लोग ओपनिंग डे में सामान्य रेल आरक्षण की बुकिंग सुबह आठ बजे की जगह 8:30 बजे कर सकेंगे। जबकि एसी का तत्काल 10:30 बजे और स्लीपर क्लास का तत्काल टिकट 11:30 बजे बना सकेंगे।