{"_id":"5ce0641cbdec22076b5ef9d6","slug":"now-project-work-in-msc-instead-of-viva","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमएससी अंतिम सेमेस्टर में अब वाइवा नहीं प्रोजेक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमएससी अंतिम सेमेस्टर में अब वाइवा नहीं प्रोजेक्ट
Sun, 19 May 2019 01:29 AM IST
manoj tiwari
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: manoj tiwari
Updated Sun, 19 May 2019 01:29 AM IST
विज्ञापन
lucknow university
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम को और अधिक व्यवहारिक बनाने की दिशा में प्रयास शुरू किया है। इसके तहत भौतिकशास्त्र विभाग ने अपने सिलेबस में बदलाव किया है। एमएससी के अंतिम सेमेस्टर में अब वाइवा समाप्त करके उसके स्थान पर प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है। भौतिकशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में यह फैसला किया गया। इसके अलावा बीएससी और एमएससी के सिलेबस में भी कई बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव नये सत्र से लागू हो जाएंगे।
लविवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि अभी तक दो साल के एमएससी पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर में विद्यार्थियों को वाइवा देना होता था। इसमें बदलाव करते हुए अब वाइवा के बजाय शोध आधारित प्रोजेक्ट को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर सहमति बनी है। यह प्रोजेक्ट विभाग के शिक्षकों के दिशा-निर्देशन में उनकी विशेषज्ञता वाले क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को इस पर अपना शोध करके डिजर्टेशन जमा करनी होगी। यह प्रोजेक्ट चार क्रेडिट का होगा। इसके आधार पर विद्यार्थियों को नंबर दिए जाएंगे।
यूजीसी और नेट के पैटर्न पर सिलेबस
विभाग ने एमएससी के साथ ही बीएससी के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया है। बदलाव के बाद विद्यार्थियों को यूजीसी नेट की परीक्षा में पूछे जाने वाला सिलेबस पढ़ने को मिलेगा। लविवि ने लेजर और ऑप्टिक्स जैसे विषयों को अब बीएससी में प्रारंभिक स्तर पर ही शामिल कर दिया है।
विज्ञापन
सिर्फ सम सेमेस्टर में ही प्रयोगात्मक परीक्षा
विभाग ने नये सिलेबस में इस बात का ध्यान रखा है कि विद्यार्थी जिस विषय की थ्योरी पढ़े उसी का प्रैक्टिकल करे। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि विवि ने बीएससी में सिर्फ सम सेमेस्टर में ही प्रयोगात्मक परीक्षा रखी है। इस वजह से विषम सेमेस्टर में प्रैक्टिकल नहीं होते। ऐसे में विभाग की थ्योरी और उसी का प्रैक्टिकल कराने की मंशा कामयाब होती नहीं दिख रही। हालांकि विभाग का दावा है कि उसने सम सेमेस्टर में ज्यादातर विषय बगैर प्रैक्टिकल वाले ही रखे हैं।
शिक्षक के दिशा निर्देशन में होगा प्रोजेक्ट
भौतिकशास्त्र विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज ने सिलेबस में बदलाव किया है। अब एमएससी फिजिक्स में चौथे सेमेस्टर में वाइवा के स्थान पर रिसर्च प्रोजेक्ट दिया जाएगा। चार क्रेडिट के इस प्रोजेक्ट का विद्यार्थी को किसी शिक्षक के दिशा-निर्देशन में पूरा करना होगा।
प्रो. एनके पांडेय, प्रवक्ता लविवि
विज्ञापन
लविवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि अभी तक दो साल के एमएससी पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर में विद्यार्थियों को वाइवा देना होता था। इसमें बदलाव करते हुए अब वाइवा के बजाय शोध आधारित प्रोजेक्ट को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर सहमति बनी है। यह प्रोजेक्ट विभाग के शिक्षकों के दिशा-निर्देशन में उनकी विशेषज्ञता वाले क्षेत्र को ध्यान में रखकर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को इस पर अपना शोध करके डिजर्टेशन जमा करनी होगी। यह प्रोजेक्ट चार क्रेडिट का होगा। इसके आधार पर विद्यार्थियों को नंबर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
यूजीसी और नेट के पैटर्न पर सिलेबस
विभाग ने एमएससी के साथ ही बीएससी के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया है। बदलाव के बाद विद्यार्थियों को यूजीसी नेट की परीक्षा में पूछे जाने वाला सिलेबस पढ़ने को मिलेगा। लविवि ने लेजर और ऑप्टिक्स जैसे विषयों को अब बीएससी में प्रारंभिक स्तर पर ही शामिल कर दिया है।
विज्ञापन
सिर्फ सम सेमेस्टर में ही प्रयोगात्मक परीक्षा
विभाग ने नये सिलेबस में इस बात का ध्यान रखा है कि विद्यार्थी जिस विषय की थ्योरी पढ़े उसी का प्रैक्टिकल करे। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि विवि ने बीएससी में सिर्फ सम सेमेस्टर में ही प्रयोगात्मक परीक्षा रखी है। इस वजह से विषम सेमेस्टर में प्रैक्टिकल नहीं होते। ऐसे में विभाग की थ्योरी और उसी का प्रैक्टिकल कराने की मंशा कामयाब होती नहीं दिख रही। हालांकि विभाग का दावा है कि उसने सम सेमेस्टर में ज्यादातर विषय बगैर प्रैक्टिकल वाले ही रखे हैं।
शिक्षक के दिशा निर्देशन में होगा प्रोजेक्ट
भौतिकशास्त्र विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज ने सिलेबस में बदलाव किया है। अब एमएससी फिजिक्स में चौथे सेमेस्टर में वाइवा के स्थान पर रिसर्च प्रोजेक्ट दिया जाएगा। चार क्रेडिट के इस प्रोजेक्ट का विद्यार्थी को किसी शिक्षक के दिशा-निर्देशन में पूरा करना होगा।
प्रो. एनके पांडेय, प्रवक्ता लविवि