यूपी: अब 'गुमशुदा' टाइगर के पीछे भागेंगे मंत्री!
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बाघ की तलाश में मंगलवार सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक जंबो सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन कोई ताजा सुराग नहीं मिला। दो हाथी, तीन ट्रैंकुलाइजर गन और 10 टीमों ने गलौली, गढ़ी सिलौली के जंगलों, शंकर पुर सहा, कुर्मिनखेड़ा के इलाकों व जंगल के चप्पे में कांबिंग की।
हालांकि, टीम को सिर्फ टाइगर के लगभग 72 घंटे पुराने वो ही पग चिह्न मिले, जो उसने रविवार को तीन किमी. की दूरी तक खोजे थे। टीम कयास लगा रही है कि हो सकता है कि टाइगर ने गंगा के किनारे के जंगलों का रुख किया है।
इसको लेकर टीम की दो यूनिटों ने करीब 10 किमी से अधिक के इलाके वाले जंगलों में भी कांबिंग की। लेकिन उन्हें पुराने पगचिह्न ही मिले। मंगलवार को भी टीम पडडा बांधकर और पिंजरे में बचे शिकार को रखकर वापस लौटी।
गंगाघाट पहुंच गया बाघ
टीम को लीड कर रहे डॉ. उत्कर्ष ने बताया कि बाघ के गढ़ी सिलौली के जंगलों से बाहर मूवमेंट और वापस के पगमार्क्स मिले हैं। दो दिनों से कैमरों में भी नई इमेज नहीं आई, बाघ संभवता जंगलों के कोर एरिया में हो सकता है। टीम वहां भी निगरानी कर रही है।
उधर, बाघ के गंगाघाट की ओर बढ़ने की सूचना मिली है। सूचना पर गंगाघाट थानाध्यक्ष बेनी माधव त्रिपाठी ने बताया कि इलाके में बाघ के पगमार्क्स मिलने के बाद ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। बैराज चौकी इंचार्ज को रात में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं।
टाइगर रेस्क्यू ऑपरेशन में हाई लेवल से निगरानी हो रही है। इसके चलते बुधवार को लखनऊ में कैंप करने वाले विभाग के आला अधिकारी भी रेस्क्यू स्पाट एरिया का निरीक्षण करने भेजे जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो गुरुवार-शुक्रवार तक विभाग से जुड़े राज्यमंत्री स्तर के मंत्री का भी दौरा हो सकता है।