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अब जिलों में ही लिए जाएंगे कोरोना संदिग्ध के नमूने, संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए निर्देश जारी
Tue, 24 Mar 2020 10:11 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 Mar 2020 10:11 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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प्रदेश के किसी भी जिले में कोई नोवेल कोरोना वायरस संक्रमित या संदिग्ध सामने आएगा तो उसकी जांच का नमूना उसी जिले के स्वास्थ्य विभाग को लेना होगा। इस नमूनों को पूरी बॉयोसेफ्टी के साथ जांच के लिए अधिकृत लैब में भेजना होगा।
पॉजिटिव मिलने पर उसे वहीं अस्पताल में बनाए आइसोलेशन वार्ड या क्वारंटीन में भर्ती करना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सीएमओ को यह दिशा-निर्देश जारीकर दिए हैं। केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. वीरेंद्र आतम ने इसके लिए सभी सीएमओ को अनुरोध भी किया है।
प्रदेश में केजीएमयू कोरोना वायरस संदिग्ध की जांच का मुख्य केंद्र बना हुआ है। पॉजिटिव मरीज भी वहां भर्ती किए जा रहे हैं। ऐसे में वहां मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। इसी से निपटने के लिए मरीज से संबंधित जिलों में ही उनके सैंपल इकठ्ठा करने और भर्ती करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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पॉजिटिव मिलने पर उसे वहीं अस्पताल में बनाए आइसोलेशन वार्ड या क्वारंटीन में भर्ती करना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सीएमओ को यह दिशा-निर्देश जारीकर दिए हैं। केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. वीरेंद्र आतम ने इसके लिए सभी सीएमओ को अनुरोध भी किया है।
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प्रदेश में केजीएमयू कोरोना वायरस संदिग्ध की जांच का मुख्य केंद्र बना हुआ है। पॉजिटिव मरीज भी वहां भर्ती किए जा रहे हैं। ऐसे में वहां मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। इसी से निपटने के लिए मरीज से संबंधित जिलों में ही उनके सैंपल इकठ्ठा करने और भर्ती करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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यह भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि पॉजिटिव मिलने पर उसे जिले के बाहर बड़े अस्पताल में रेफर न करें। प्रोटोकॉल के हिसाब से उसका इलाज करने की जानकारी भी सभी सीएमओ-सीएमएस को भेजी जा रही है। इसमें जांच के नमूने लेेने और उसे सुरक्षित लैब तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी भी दी जा रही है।