लखनऊ कैंट सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन सोमवार से, 21 अक्टूबर को होगा मतदान
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प्रयागराज से सांसद चुने जाने के बाद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के इस्तीफे से खाली हुई कैंट विधानसभा सीट पर उपचुनाव 21 अक्तूबर को होगा। शनिवार देर शाम जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम कौशल राज शर्मा ने जानकारी दी कि 24 अक्तूबर को मतगणना व परिणाम की घोषणा तक जिले में आचार संहिता रहेगी। उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक कैंट विस क्षेत्र में नए वोटरों को नहीं जोड़ा जाएगा।
175 लखनऊ कैंट विस सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र 23 से 30 सितंबर तक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कक्ष संख्या 19 में भरे जाएंगे। सदर तहसील के एसडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव को उपचुनाव का रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) व तहसीलदार सदर शंभुशरण और डीसी मनरेगा को ईआरओ नामित किया गया है।
प्रत्याशी के साथ तीन लोगों को ही कलक्ट्रेट के ट्रेजरी चैनल गेट से नामांकन कक्ष तक जाने की अनुमति होगी। डीएम ने बताया कि 30 सितंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनकी जांच एक अक्तूबर को होगी। तीन अक्तूबर को नाम वापसी के बाद प्रमुख राजनीतिक दलों से समर्थित प्रत्याशियों के इतर पंजीकृत दलों या निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव निशान आवंटित होगा।
चार से 19 अक्तूबर शाम पांच बजे तक प्रत्याशी प्रचार कर सकेंगे। प्रत्याशियों व मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक 23 सितंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में होगी। इसमें आचार संहिता को लेकर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कार्मिकों की सूची देने में डिफॉल्टर विभाग तलब
कैंट विस क्षेत्र में चुनाव ड्यूटी के दौरान रिजर्व कर्मियों सहित जुटाए जाने वाले 22 सौ कर्मचारियों की सूची व डाटा फीडिंग का काम प्रभारी अधिकारी कार्मिक व एडीएम एफआर अवनीश सक्सेना द्वारा कराया जा रहा था।
बताया कि लगातार चेतावनी पर भी एलडीए, नगर निगम, आवास विकास परिषद, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, एनबीआरआई, बैंक, बेसिक शिक्षा व सीमैप सहित 15 विभागों ने सेवानिवृत्त हो चुके, मृतक व बीमारी के कारण लंबे अवकाश पर चल रहे कार्मिकों की अपडेट सूचना नहीं दी है।
डीएम ने 23 सितंबर को सुबह 11 बजे कार्यालाध्यक्षों को अपडेट सूची के साथ विकास भवन में तलब किया है। शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ चुनाव कार्य में असहयोग का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होगी।
वहीं, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण सत्यापन में शिथिलता बरतने वाले निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सुपरवाइजरों को भी तीन दिनों में आयोग के मोबाइल एप पर वोटर सत्यापन का काम पूरा कराने का नोटिस जारी किया गया है।