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नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण पीपीपी मोड पर कराने को मंजूरी, 1500 करोड़ रुपये स्वीकृत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 04 Dec 2018 06:48 AM IST
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राज्य सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत कराने की मंजूरी दी है। सोमवार को कैबिनेट की बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) कंपनी को एयरपोर्ट के लिए अर्जित भूमि और भूमि का प्रबंधन 90 वर्षों के लिए लीज पर देने तथा विकासकर्ता के चयन के अधिकार देने देने की मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कैबिनेट ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी को जेवर एयरपोर्ट का निर्माण पीपीपी मोड पर करने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड के लिए कंस्लटेंट की ओर से तैयार निविदा और अनुबंध दस्तावेज पर केन्द्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक कार्यवाही कंपनी के सहयोग से करने की भी मंजूरी दी गई।
उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के लिए 2300 रुपये प्रति रूपये प्रति वर्गमीटर की दर से 1239.1416 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक 4500 करोड़ रुपये में से अभी 1500 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति भी दी है।
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उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट केलिए भूमि अर्जन के लिए 2.5 प्रतिशत अर्जन व्यय राजस्व विभाग को भुगतान करने से भी नागरिक उड्डयन विभाग को छूट दी गई है। अर्जन व्यय की आंकलित 2852 करोड़ रुपये का समायोजन करने की मंजूरी दी गई।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कैबिनेट ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी को जेवर एयरपोर्ट का निर्माण पीपीपी मोड पर करने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड के लिए कंस्लटेंट की ओर से तैयार निविदा और अनुबंध दस्तावेज पर केन्द्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक कार्यवाही कंपनी के सहयोग से करने की भी मंजूरी दी गई।
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उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के लिए 2300 रुपये प्रति रूपये प्रति वर्गमीटर की दर से 1239.1416 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक 4500 करोड़ रुपये में से अभी 1500 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति भी दी है।
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उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट केलिए भूमि अर्जन के लिए 2.5 प्रतिशत अर्जन व्यय राजस्व विभाग को भुगतान करने से भी नागरिक उड्डयन विभाग को छूट दी गई है। अर्जन व्यय की आंकलित 2852 करोड़ रुपये का समायोजन करने की मंजूरी दी गई।
सरकारी भूमि और संपत्तियां निशुल्क दी
जेवर एयरपोर्ट की जद में आ रही सरकारी विभागों की भूमि और संपत्तियां निशुल्क नागरिक उड्डयन विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दी। पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के लिए आवश्यक राशि के अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।