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आजम ने लिया एक्शन, घरों में नहीं लगेंगे पानी के मीटर
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Thu, 05 Sep 2013 02:06 AM IST
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नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने प्रदेश के छह शहरों आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद और मेरठ में घरों में पानी का मीटर लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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जल निगम के प्रस्ताव पर कहा कि जितना पैसा पानी का मीटर लगाए जाने पर खर्च होगा, उतने में तो कम विकसित शहरी मुहल्लों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुधर जाएगी।
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उन्होंने प्रमुख सचिव नगर विकास सीबी पालीवाल को निर्देश दिया कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से संपर्क किया जाए वह उनसे मिलकर इस संबंध में बातचीत करेंगे।
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जवाहर लाल नेहरू अरबन नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) सुधार योजना में शहरी क्षेत्रों में घरों में पानी का मीटर लगाया जाने का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश के छह शहरों में यह व्यवस्था लागू की जानी है।
नगर विकास विभाग ने इसके आधार पर जल निगम से पानी का मीटर लगाने संबंधी प्रस्ताव मांगते हुए बुधवार को आजम की अध्यक्षता में बैठक बुलाई थी।
उन्होंने जल निगम के प्रस्ताव पर असहमति जताते हुए कहा कि मीटर लगाने से पानी की बर्बादी कितनी रुकेगी इसका अभी भी कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं हैं।
साथ ही बिजली मीटरों की तरह ही सभी प्रकार के वाटर मीटरों में गड़बड़ी की पूरी संभावनाएं हैं। ऐसे में मीटर लगाकर भी पेयजल की बर्बादी को रोक पाना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा कि जितना खर्च इन मीटरों को लगाने पर आएगा उतनी राशि से पेयजल पाइप लाइन डालकर कम विकसित शहरी मुहल्लों की पेयजल आपूर्ति सुधरी जा सकती है।
बैठक में जेएनएनयूआरएम के तहत निर्माणाधीन मेरठ पेयजल परियोजना के लिए अपर गंगा नहर, भोला की झाल से कच्चा माल उपलब्ध कराए जाने के संबंध में प्रमुख सचिव सिंचाई से विचार-विमर्श किया।
सेटेलाइट टाउन पिलखुआ में पेयजल व सीवरेज के लिए नेशनल हाईवे क्षेत्र में प्रस्तावित पाइप लाइन बिछाने की अनुमति के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों को बैठक में बुलाकर उनसे अनुमति प्राप्त की गई।