छिन जाएगी रेलवे अफसरों की 'शाही सवारी'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेल अफसरों की शाही सवारी यानी सैलून पर ग्रहण लग सकता है। रेल मंत्रालय ने जीएम और डीआरएम को सैलून के बिना 19 जून को होने वाली बैठक के लिए दिल्ली तलब किया है।
ऐसा पहली बार होगा जब रेल अधिकारी अपने प्रिय सैलून के बजाय आम यात्रियों की तरह सफर करेंगे।
उल्लेखनीय है, रेलवे के महाप्रबंधक अपने जोन के मंडलों और डीआरएम अपने रेल मंडल में आधुनिक सुविधाओं से लैस सैलून लेकर भ्रमण करते हैं।
अक्सर जीएम और डीआरएम सैलून लेकर दूसरे जोन के भीतर पहुंच जाते हैं। सैलून में बेडरूम, डायनिंग रूम, किचन और एसी विंडो सहित कई सुविधाएं होती हैं।
इस सैलून को लेकर अक्सर दूसरे रेलवे अफसर भी भ्रमण पर निकल जाते हैं। किसी के शादी विवाह जैसे कार्यक्रमों में रुतबा दिखाने के लिए ये अफसर सरकारी कार्यक्रम बनाकर लखनऊ पहुंच जाते हैं।
रेल मंत्रालय अपनी फिजूलखर्ची को खत्म करने के लिए अब सैलून के इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।
रेल मंत्रालय जीएम और डीआरएम जैसे बड़े अफसरों को आम यात्री बनकर ट्रेन में सफर करने के लिए उनकी सैलून की सुविधा समाप्त कर सकता है।