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कैबिनेट में नहीं आ सका रामदेव के फूड पार्क के लिए जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव, ये है सरकार का प्लान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 13 Jun 2018 10:17 AM IST
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रामदेव व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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बाबा रामदेव के पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क को 91 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने का प्रस्ताव मंगलवार की कैबिनेट में नहीं पेश किया जा सका। अब पहले इंपावर्ड कमेटी से मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले सप्ताह बालकृष्ण के इस प्रोजेक्ट को यूपी से बाहर ले जाने के ट्वीट के बाद जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव अगली कैबिनेट में मंजूरी के लिए लाने का निर्देश दिया था।
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बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण में एक मेगाफूड पार्क बना रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए 455 एकड़ जमीन दी है। इस पर केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्रालय से भी सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद पतंजलि आयुर्वेद ने पूर्व आवंटित 455 एकड़ में से 91 एकड़ जमीन अपनी सब्सीडियरी पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्कनोएडा को हस्तांतरित करने की मांग की।
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इस प्रस्ताव पर शासन विचार कर ही रहा था कि पांच जून को पतंजलि के एमडी बाल कृष्ण ने प्रदेश के अफसरों पर जमीन हस्तांतरण से जुड़ी कार्यवाही में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाते हुए नोएडा में बन रहे फूड पार्क को यूपी से बाहर ले जाने की धमकी दे दी। इसके बाद सीएम योगी ने बाबा रामदेव से बात की और अफसरों को कैबिनेट की अगली बैठक में ही जमीन हस्तांतरण से जुड़ा प्रस्ताव लाने को कहा।
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सूत्रों के मुताबिक अधिकारी इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाने से जुड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। इसमें अलग-अलग विभागों से सहमति लेने से जुड़ी कार्यवाही चल रही है। इस बीच एक विभाग ने सुझाव दिया कि इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखने से पूर्व इंपावर्ड कमेटी में विचार को रखा जाए। इंपावर्ड कमेटी की सिफारिश के बाद ही प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा जाना चाहिए। अब सरकार जल्दी ही इंपावर्ड कमेटी की बैठक फिर इसे कैबिनेट की मंजूरी को भेजा जाएगा।