शिवपाल का अखिलेश को तगड़ा झटका, सपा की नई टीम से 'टीम अखिलेश' आउट
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समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अपनी टीम से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थकों को बाहर कर दिया है। बृहस्पतिवार को घोषित 81 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी में उनकी टीम से अखिलेश समर्थक आउट हो गए हैं।
अधिकतर पदाधिकारी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह या शिवपाल के समर्थक हैं। पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह को उपाध्यक्ष और पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह को महासचिव बनाया गया है। कोषाध्यक्ष पद पर राजकुमार किशोर मिश्र को बरकरार रखा है।
शिवपाल यादव को 12 सितंबर को अखिलेश की जगह सपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। तभी से प्रदेश कार्यकारिणी में बदलाव की अटकलें लगाई जा रहीं थीं। बृहस्पतिवार को उन्होंने नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी।
81 सदस्यीय कार्यकारिणी में एक-एक उपाध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष, 21 प्रदेश सचिव और शेष सभी कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं। इनमें अखिलेश यादव की कार्यकारिणी के आधा दर्जन पदाधिकारियों को छोड़कर किसी और को जिम्मेदारी नहीं मिली है। प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश उत्तम व महासचिव अरविंद सिंह गोप की छुट्टी हो गई है।
इन्हें मिली जिम्मेदारियां
नई टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए किरनपाल सिंह सपा के पुराने नेता है, लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले रालोद में चले गए थे। पिछले दिनों सपा में उनकी वापसी हुई है। वे कविता हत्याकांड को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।
शिवपाल की टीम में उन्नाव की पुरवा सीट से लगातार चौथी बार विधायक उदयराज सिंह यादव को प्रदेश सचिव बनाया गया है।
उदयराज को उन्नाव में सीएम के नजदीकी समझे जाने वाले एमएलसी सुनील सिंह यादव ‘साजन’ विरोधी लॉबी में गिना जाता हैं।
सीतापुर की महोली सीट के विधायक अनूप कुमार गुप्ता भी प्रदेश सचिव बनाए गए हैं। उन्हें सीएम के एक अन्य नजदीकी एमएलसी आनंद भदौरिया विरोधी लॉबी में माना जाता है।
शिवपाल के करीबियों को मिली जिम्मेदारी
शिवपाल के करीबी माने जाने वाले दीपक मिश्र (आजमगढ़) भी प्रदेश सचिव बने हैं। अंबेडकर नगर की विद्यावती राजभर, इलाहाबाद के एसएन सिंह और श्यामलाल पटेल, आजमगढ़ के राजदुलार राजभर, जौनपुर के सतेन्द्र उपाध्याय पिछली कार्यकारिणी में भी सचिव थे और इस बार भी यही जिम्मेदारी दी गई है।
ये सभी पार्टी के पुराने नेता और मुलायम या शिवपाल के करीबी हैं। मेरठ की सरधना सीट से अतुल प्रधान का टिकट काटकर जिन मैनपाल सिंह उर्फ पिंटू राणा को प्रत्याशी बनाया गया है, उन्हें राज्य कार्यकारिणी सदस्य भी बनाया गया है।
लंबे समय से सपा के प्रदेश सचिव रहे एसआरएस यादव को इस बार कार्यकारिणी सदस्य ही बनाया गया है। लखनऊ के राजेश यादव प्रदेश सचिव बनाए गए हैं।
अखिलेश के ये समर्थक हुए आउट
अखिलेश यादव की राज्य कार्यकारिणी में एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप, उमाशंकर चौधरी व नईमुल हसन प्रदेश सचिव थे। इनकी छुट्टी हो गई है।
इसी तरह कार्यकारिणी सदस्य रहे युवा नेता आनंद भदौरिया, सुनील यादव साजन, अमिताभ वाजपेयी, गोपाल यादव, एमएलसी पम्मी जैन, निर्भय सिंह पटेल, नफीस अहमद, विधायक संग्राम सिंह यादव, अवधेश सिंह यादव, धनंजय उपाध्याय को नई कार्यकारिणी में जगह नहीं मिल पाई है।
इनमें अधिकतर युवा नेता हैं। साजन व भदौरिया सपा से निष्कासित चल रहे हैं। पिछली कमेटी में सचिव रहे अनीस मंसूरी, मजाहिद किदवई के साथ ही उपाध्यक्ष नरेश उत्तम और महासचिव अरविंद सिंह गोप पर भी अखिलेश समर्थक होने की मुहर लगी थी।
खुद मुख्यमंत्री अखिलेश भी राज्य कार्यकारिणी में नहीं
राज्य कार्यकारिणी में सीएम अखिलेश यादव को भी जगह नहीं मिली है। 81 सदस्यीय कार्यकारिणी ही नहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया है।
निवर्तमान महासचिव अरविंद सिंह गोप और उपाध्यक्ष नरेश उत्तम को नई कार्यकारिणी में बतौर विशेष आमंत्रित सदस्य रखा गया है लेकिन अखिलेश यादव को शामिल नहीं किया गया है। वह बतौर मुख्यमंत्री संसदीय बोर्ड के सदस्य हैं।
नारद, अंबिका, अकेला कार्यकारिणी
बलिया जिले से ताल्लुक रखने वाले मंत्री नारद राय, पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी व सनातन पांडेय को कार्यकारिंणी में सदस्य बनाया गया है।
इसके अलावा बछरावां (रायबरेली) के विधायक रामलाल अकेला, कोल (अलीगढ़) के विधायक जमीरउल्ला खां, एमएलसी रणविजय सिंह (गोंडा), इलाहाबाद के मुस्ताक काजमी और उज्ज्वल रमण सिंह, मुरादाबाद के पूर्व मेयर एचटी हसन, मेरठ के मो. अब्बास, लखनऊ के डॉ. अभय यादव, रजिया नवाज को शामिल किया गया है।