दोहरी राहतः लखनऊ में सभी जांचें निगेटिव, एक और मरीज डिस्चार्ज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन सभी की हालत भी सुधार बताया जा रहा है। केजीएमयू में पहली मरीज के रूप में भर्ती कनाडा से आई महिला डॉक्टर से वार्ड में कार्यरत एक रेजिडेंट संक्रमित हुआ था। फिर रेजिडेंट से उसके परिवार के तीन अन्य लोग संक्रमित हुए।
20 मार्च को भर्ती कराए गए इन तीनों में से 25 वर्षीय जावेद को रविवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस तरह केजीएमयू में भर्ती होने वाले 11 मरीजों में से 7 को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट के प्रभारी डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि युवक को 14 दिन क्वारंटीन में रहने के लिए कहा गया है। 14 दिन बाद फिर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर उसे आगे सलाह दी जाएगी। यहां भर्ती अन्य चारों मरीजों की तबीयत में सुधार है। उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
मुझे डॉक्टरों पर था पूरा भरोसा
उनके क्लोज कॉन्टेक्ट में आने की वजह से वह खुद और उसकी बहन व जीजा जी भी चपेट में आ गए। जांच के दौरान रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सभी को केजीएमयू में भर्ती कराया गया।
एक साथ परिवार के चार लोगों के पॉजिटिव होने से तनाव बढ़ गया था लेकिन डॉ. तौसीफ और उनके साथियों ने लगातार हौसला बढ़ाया। केजीएमयू के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी भरोसा दिया कि जिस तरह से डॉक्टर का इलाज किया जा रहा है, उसी तरह से उनकी भी देख हो रही है। ऐसे में चिंता जैसी कोई बात नहीं है।
सभी के सहयोग से अब पूरी तरह से ठीक हो गया हूं। उम्मीद है कि अन्य लोग भी ठीक हो जाएंगे। जावेद का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर घबराने के बजाय आत्मबल बनाए रखने की जरूरत है। डॉक्टरों की हर बात को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। डॉक्टरों की सलाह को मानने का नतीजा है कि आज ठीक होकर करके घर जा रहा हूं।
केजीएमयू की टीम का बढ़ाया हौसला
कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में अब तक पांच टीमें लगाई जा चुकी हैं। पांचवीं टीम का नेतृत्व न्यूरोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इमरान रिजवी कर रहे हैं।
पांचवीं टीम के कार्यकाल में दो दिन के अंदर पांच मरीज केजीएमयू से डिस्चार्ज हुए हैं। इस पर डॉ. इमरान रिजवी सहित इस टीम के सदस्यों का विवि प्रशासन ने हौसला बढ़ाया।
उधर डॉ. रिजवी ने कहा कि यह काम पूरी टीम का है। पहले लगने वाली टीमों ने पूरी तत्परता से काम किया और हमारी टीम भी उसी लाइन पर लगी रही। सभी लोगों के शामिल प्रयास से मरीजों को घर भेजने में सफलता मिली है।
कर्नल दंपती की हालत में हुआ सुधार
कमांड हॉस्पिटल में भर्ती कर्नल दंपती की हालत में सुधार बताया जा रहा है। शनिवार को दोनों के सैंपल फिर जांच के लिए भेजे गए हैं लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई है। उधर एसजीपीजीआई में भर्ती किए गए दोनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है।
लखनऊ में नहीं मिला कोई पॉजिटिव मरीज
राजधानी में रविवार को विभिन्न टीमों ने 60 लोगों के सैंपल लिए जबकि शनिवार को 64 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 अप्रैल को फूलबाग, नजरबाग, वीरनगर, उदयगंज, हाता रसूल खान आदि क्षेत्रों में 80 टीमों ने घर-घर जाकर सर्वे किया।
इस दौरान 6984 घरों की जांच की गई। लक्षण के आधार पर 66 लोगों के सैंपल लिए गए। इसमें कई ऐसे लोग हैं जिन्हें क्वारंटीन में रखा गया है। रविवार को भी किसी मरीज के पॉजिटिव न पाए जाने से विभाग उत्साहित है।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि डायरेक्ट कॉन्टेक्ट वालों को तत्काल क्वारंटीन कराने से वायरस का फैलाव नहीं हो पा रहा है। लोग लॉकडाउन का पालन करते रहें तो इस पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया जाएगा।