{"_id":"60072deb3c4e1a1c591d2d6e","slug":"no-benefit-of-scholarship-and-fee-reimbursement-for-non-grading","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैक ग्रेडिंग न होने पर नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैक ग्रेडिंग न होने पर नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ
Wed, 20 Jan 2021 12:37 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 20 Jan 2021 12:37 AM IST
विज्ञापन
छात्रवृत्ति
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल असेस्मेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) या नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) से अभी तक ग्रेडिंग हासिल न कर पाने वाले निजी विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को न तो शुल्क की भरपाई होगी और न ही छात्रवृत्ति ही मिलेगा। राज्य सरकार ने यह फैसला शैक्षिक वर्ष 2020-21 में किसी भी पाठ्यक्रम में दाखिला ले चुके या उसके बाद दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगा। इस बाबत एनआईसी के लिए जरूरी निर्देश जारी कि जाए रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय हैं। इसमें मथुरा स्थित जीएलए यूनिवर्सिटी व एमिटी यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर यूनिवर्सिटी व आईएफटीएम यूनिवर्सिटी और मेरठ स्थित सुभारती यूनिवर्सिटी व शोभित विश्वविद्यालय के पास ही नैक की ग्रेडिंग है। इन्हें ‘ए’ या ‘बी’ ग्रेडिंग प्राप्त है। जबकि आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ, वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी अमरोहा, मोनाड यूनिवर्सिटी हापुड़ और मो. जौहर अली यूनिवर्सिटी रामपुर ने अभी तक नैक की ग्रेडिंग नहीं ली है। वहीं, शेष 17 निजी विश्वविद्यालयों ने समाज कल्याण निदेशालय के मांगने पर भी यह सूचना नहीं दी है कि उन्हें नैक ग्रेडिंग है कि नहीं। इन 17 विश्वविद्यालयों के संबंध में एनआईसी से डाटा उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
एनबीए से ग्रेडिंग न पाने वाले तकनीकी संस्थान भी होंगे बाहर
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली के अनुसार नैक से ‘बी’ या उससे उच्च ग्रेडिंग पाने वाले विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ही योजना का लाभ पाने के हकदार हैं। यानी बी या उससे उच्च ग्रेडिंग हासिल न कर पाने वाले विश्वविद्यालयों को इस बार शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह से उन तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिन्होंने नियमानुसार एनबीए से ग्रेडिंग हासिल नहीं की है।
विज्ञापन
इसे भी शैक्षिक वर्ष 2020-21 से ही लागू किया जाएगा। यानी पहले से पढ़ रहे छात्रों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई की सुविधा बंद नहीं होगी। एनबीए की ग्रेडिंग उन पाठ्यक्रमों के लिए जरूरी होती है, जिनकी मान्यता ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) देती है। इस निर्णय से भी बड़ी संख्या में तकनीकी संस्थान प्रभावित होंगे। समाज कल्याण निदेशालय इनकी संख्या की गणना करवा रहा है।
इस साल से उन निजी विश्वविद्यालयों या तकनीकी संस्थानों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा, जिन्होंने नियमानुसार नैक या एनबीए से ग्रेडिंग हासिल नहीं की है।
- बाल कृष्ण त्रिपाठी, निदेशक, समाज कल्याण
विज्ञापन
गौरतलब है कि प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय हैं। इसमें मथुरा स्थित जीएलए यूनिवर्सिटी व एमिटी यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर यूनिवर्सिटी व आईएफटीएम यूनिवर्सिटी और मेरठ स्थित सुभारती यूनिवर्सिटी व शोभित विश्वविद्यालय के पास ही नैक की ग्रेडिंग है। इन्हें ‘ए’ या ‘बी’ ग्रेडिंग प्राप्त है। जबकि आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ, वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी अमरोहा, मोनाड यूनिवर्सिटी हापुड़ और मो. जौहर अली यूनिवर्सिटी रामपुर ने अभी तक नैक की ग्रेडिंग नहीं ली है। वहीं, शेष 17 निजी विश्वविद्यालयों ने समाज कल्याण निदेशालय के मांगने पर भी यह सूचना नहीं दी है कि उन्हें नैक ग्रेडिंग है कि नहीं। इन 17 विश्वविद्यालयों के संबंध में एनआईसी से डाटा उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
एनबीए से ग्रेडिंग न पाने वाले तकनीकी संस्थान भी होंगे बाहर
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली के अनुसार नैक से ‘बी’ या उससे उच्च ग्रेडिंग पाने वाले विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ही योजना का लाभ पाने के हकदार हैं। यानी बी या उससे उच्च ग्रेडिंग हासिल न कर पाने वाले विश्वविद्यालयों को इस बार शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह से उन तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिन्होंने नियमानुसार एनबीए से ग्रेडिंग हासिल नहीं की है।
विज्ञापन
इसे भी शैक्षिक वर्ष 2020-21 से ही लागू किया जाएगा। यानी पहले से पढ़ रहे छात्रों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई की सुविधा बंद नहीं होगी। एनबीए की ग्रेडिंग उन पाठ्यक्रमों के लिए जरूरी होती है, जिनकी मान्यता ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) देती है। इस निर्णय से भी बड़ी संख्या में तकनीकी संस्थान प्रभावित होंगे। समाज कल्याण निदेशालय इनकी संख्या की गणना करवा रहा है।
इस साल से उन निजी विश्वविद्यालयों या तकनीकी संस्थानों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा, जिन्होंने नियमानुसार नैक या एनबीए से ग्रेडिंग हासिल नहीं की है।
- बाल कृष्ण त्रिपाठी, निदेशक, समाज कल्याण