{"_id":"5a55dd794f1c1bbf2d8b5b81","slug":"no-auspicious-day-in-november-and-december-2018","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"2500 करोड़ रुपये के कारोबार पर संकट, वजह जानने के लिए पढ़ें खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2500 करोड़ रुपये के कारोबार पर संकट, वजह जानने के लिए पढ़ें खबर
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 10 Jan 2018 03:04 PM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस वर्ष नवंबर और दिसंबर में सहालग नहीं हैं। यानी शादी समारोह नहीं होंगे। इसका सीधा असर लखनऊ के करीब 25000 कारोबारियों पर पड़ेगा, जिससे करीब 2500 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा। हालांकि हर साल दीपावली के बाद देवोत्थानी एकादशी से शादी समारोहों की शुरुआत हो जाती है, लेकिन बैंडबाजों की धूम नवंबर और दिसंबर में ही होती है।
कारोबारियों की माने तो नवंबर व दिसंबर की सहालग में करीब 1000 शादियों होती है और शादी से जुड़े हर ट्रेड के कारोबारी इस दौरान खूब कमाई भी करते हैं। गणेशगंज के कपड़ा कारोबारी अशोक मोतियानी कहते हैं कि दीपावली में जितना कपड़ा बिकता है उससे डेढ़ गुना कपड़ा सहालग में बिक जाता है।
सहालग में महंगे ब्रांडेड आइटम शेरवानी, सूट, कुर्ता-पाजामा, साड़ियों की खूब सेल होती है। नवंबर, दिसंबर में शादियां नहीं होंगी तो कारोबारियों के लिए परेशानी होगी। अमीनाबाद के कपड़ा व्यवसायी उत्तम कपूर ने कहा कि नवंबर-दिसंबर में होने वाली शादियों के लिए स्पेशल लहंगा और साड़ी बनवाने के लिए कारीगरों को कपड़ा देते हैं।
विज्ञापन
जब मुख्य सहालग ही नहीं होगी तो करोड़ों का कारोबार प्रभावित होगा। होटल कारोबारी राकेश छाबड़ा ‘पम्मी’ ने बताया कि राजधानी में छोटे-बड़े होटल व रिसोर्ट की संख्या करीब 500 हैं, जो इस दौरान सहालग में हाउस फुल रहते हैं। इस बार सहालग न होने से दो महीने तक सन्नाटा रहेगा, जिससे इस इंडस्ट्री को जबरदस्त घाटा होगा।
विज्ञापन
कारोबारियों की माने तो नवंबर व दिसंबर की सहालग में करीब 1000 शादियों होती है और शादी से जुड़े हर ट्रेड के कारोबारी इस दौरान खूब कमाई भी करते हैं। गणेशगंज के कपड़ा कारोबारी अशोक मोतियानी कहते हैं कि दीपावली में जितना कपड़ा बिकता है उससे डेढ़ गुना कपड़ा सहालग में बिक जाता है।
विज्ञापन
सहालग में महंगे ब्रांडेड आइटम शेरवानी, सूट, कुर्ता-पाजामा, साड़ियों की खूब सेल होती है। नवंबर, दिसंबर में शादियां नहीं होंगी तो कारोबारियों के लिए परेशानी होगी। अमीनाबाद के कपड़ा व्यवसायी उत्तम कपूर ने कहा कि नवंबर-दिसंबर में होने वाली शादियों के लिए स्पेशल लहंगा और साड़ी बनवाने के लिए कारीगरों को कपड़ा देते हैं।
विज्ञापन
जब मुख्य सहालग ही नहीं होगी तो करोड़ों का कारोबार प्रभावित होगा। होटल कारोबारी राकेश छाबड़ा ‘पम्मी’ ने बताया कि राजधानी में छोटे-बड़े होटल व रिसोर्ट की संख्या करीब 500 हैं, जो इस दौरान सहालग में हाउस फुल रहते हैं। इस बार सहालग न होने से दो महीने तक सन्नाटा रहेगा, जिससे इस इंडस्ट्री को जबरदस्त घाटा होगा।
अशोक मोतियानी, आदीश कुमार जैन
- फोटो : amarujala
लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने बताया कि नवंबर व दिसंबर में शादी की तारीखें न होने से सभी कारोबारियों का धंधा ठंडा रहेगा। इसमें होटल, रिसोर्ट, गेस्ट हाउस, बारदाना (खानपान की वस्तुएं), सब्जी, फल, टेंट, बैंड बाजा, सराफा, बर्तन, फूल-माला, कपड़ा, टेलर, ब्यूटी पॉर्लर, फोटोग्राफी, ट्रेवल कामगार आदि शामिल हैं।
नवंबर-दिसंबर में अमूमन महंगी शादियां होती हैं। इन शादियों के लिए कपड़ों की खरीदारी भी ज्यादा होती है। अमीनाबाद के मशहूर शोरूम के मालिक सुशील गुरनानी का कहना कि इस सहालग में अधिकतर ऊनी महंगे कपड़े बिकते हैं, जिससे साल के अंत में सबसे अच्छा कारोबार होता है। इस साल कपड़ा कारोबारियों को बड़ा झटका लगेगा।
चौक के सराफा कारोबारी आदीश कुमार जैन ने कहा कि इस साल नवंबर एवं दिसंबर में सहालग न होने से कारोबार बहुत प्रभावित होगा। आम दिनों में राजधानी के कारोबारी रोजाना 12 करोड़ रुपये के गहने बेचते हैं, लेकिन जब नवंबर एवं दिसंबर की सहालग शुरू होती तो यह सेल बढ़कर 24 करोड़ रुपये से अधिक हो जाती है।
इस साल के अंत नवंबर एवं दिसंबर में शादी की तारीख न होने के कारण बर्तन कारोबार पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। यह कारोबार तो शादी की सहालग पर ही निर्भर है। कारोबारी नेता हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि सहालग में रोजाना थोक एवं फुटकर डेढ़ करोड़ करोड़ रुपये से अधिक के बरतन बिकते हैं। दो महीने सहालग नहीं होगी तो 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा।
नवंबर-दिसंबर में अमूमन महंगी शादियां होती हैं। इन शादियों के लिए कपड़ों की खरीदारी भी ज्यादा होती है। अमीनाबाद के मशहूर शोरूम के मालिक सुशील गुरनानी का कहना कि इस सहालग में अधिकतर ऊनी महंगे कपड़े बिकते हैं, जिससे साल के अंत में सबसे अच्छा कारोबार होता है। इस साल कपड़ा कारोबारियों को बड़ा झटका लगेगा।
चौक के सराफा कारोबारी आदीश कुमार जैन ने कहा कि इस साल नवंबर एवं दिसंबर में सहालग न होने से कारोबार बहुत प्रभावित होगा। आम दिनों में राजधानी के कारोबारी रोजाना 12 करोड़ रुपये के गहने बेचते हैं, लेकिन जब नवंबर एवं दिसंबर की सहालग शुरू होती तो यह सेल बढ़कर 24 करोड़ रुपये से अधिक हो जाती है।
इस साल के अंत नवंबर एवं दिसंबर में शादी की तारीख न होने के कारण बर्तन कारोबार पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। यह कारोबार तो शादी की सहालग पर ही निर्भर है। कारोबारी नेता हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि सहालग में रोजाना थोक एवं फुटकर डेढ़ करोड़ करोड़ रुपये से अधिक के बरतन बिकते हैं। दो महीने सहालग नहीं होगी तो 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा।
टेंटः चार माह कमाते हैं, आठ माह खाते हैं
विजय कुमार
- फोटो : amarujala
वर्ष 2018 में नवंबर-दिसंबर में सहालग न होने से टेंट कारोबारी व लेबर सड़क पर आ जाएंगे। यह कहना है टेंट व्यापारियों के नेता विजय कुमार का। उन्होंने बताया टेंट व्यापारी साल में चार महीने कमाता है और आठ महीने खाता है। इन चार महीनों के नवंबर एवं दिसंबर सबसे महत्वपूर्ण हैं। इससे 200 से अधिक टेंट कारोबारी दो महीने खाली रहेंगे।
सहालग नहीं होने का इवेंट मैनेजमेंट पर भी असर पड़ेगा। डीजे से लेकर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी और वेडिंग मैनेजमेंट तक के काम में गिरावट आएगी। दरअसल, शादियों के लिए वेडिंग मैनेजमेंट कंपनियों को ठेका दिया जाता है, जो कैटरिंग से लेकर टेंट और फोटोग्राफी तक का बंदोबस्त करती हैं। एक इवेंट कंपनी के प्रतिनिधि विशाल मिश्र बताते हैं कि सहालग नहीं होने से इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों का जबर्दस्त नुकसान होगा।
गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि वर्ष 2018 में गुरु की स्थिति बदलने, अधिमास आने, गुरु के अस्त होने, चातुर्मास तथा धनुर्मास के कारण विवाह के मुहूर्त काफी कम मिल रहे हैं। इनमें से 17 जुलाई के बाद से पूरे साल भर में महज दो ही मुहूर्त मिलेंगे। 23 जुलाई 2018 आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन देव शयनी एकादशी होने के कारण चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा।
देवताओं का शयन शुरू हो जाएगा, जो 19 नवंबर 2018 तक शयन करेंगे। देवता सोते रहेंगे, इसीलिये इन चार महीनों में विवाह नहीं हो सकेंगे। इस बीच 13-14 नवंबर 2018 से 8 दिसंबर 2018 तक गुरु अस्त रहेंगे, जिसके चलते भी विवाह आदि शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे। इसके बाद 16 दिसंबर 2018 से खरमास शुरू हो जाएगा तो लग्न न होने से विवाह आदि नहीं हो सकेंगे। गुरु उदय होने और खरमास शुरू होने के दौरान 12-13 दिसंबर को लग्न मिलेगी।
सहालग नहीं होने का इवेंट मैनेजमेंट पर भी असर पड़ेगा। डीजे से लेकर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी और वेडिंग मैनेजमेंट तक के काम में गिरावट आएगी। दरअसल, शादियों के लिए वेडिंग मैनेजमेंट कंपनियों को ठेका दिया जाता है, जो कैटरिंग से लेकर टेंट और फोटोग्राफी तक का बंदोबस्त करती हैं। एक इवेंट कंपनी के प्रतिनिधि विशाल मिश्र बताते हैं कि सहालग नहीं होने से इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों का जबर्दस्त नुकसान होगा।
गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि वर्ष 2018 में गुरु की स्थिति बदलने, अधिमास आने, गुरु के अस्त होने, चातुर्मास तथा धनुर्मास के कारण विवाह के मुहूर्त काफी कम मिल रहे हैं। इनमें से 17 जुलाई के बाद से पूरे साल भर में महज दो ही मुहूर्त मिलेंगे। 23 जुलाई 2018 आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन देव शयनी एकादशी होने के कारण चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा।
देवताओं का शयन शुरू हो जाएगा, जो 19 नवंबर 2018 तक शयन करेंगे। देवता सोते रहेंगे, इसीलिये इन चार महीनों में विवाह नहीं हो सकेंगे। इस बीच 13-14 नवंबर 2018 से 8 दिसंबर 2018 तक गुरु अस्त रहेंगे, जिसके चलते भी विवाह आदि शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे। इसके बाद 16 दिसंबर 2018 से खरमास शुरू हो जाएगा तो लग्न न होने से विवाह आदि नहीं हो सकेंगे। गुरु उदय होने और खरमास शुरू होने के दौरान 12-13 दिसंबर को लग्न मिलेगी।