फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   No action taken against guilty private hospitals, no ban on their operations

Lucknow News: दोषी निजी अस्पतालों पर न कार्रवाई, न संचालन पर रोक

Fri, 27 Mar 2026 02:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:49 AM IST
विज्ञापन
No action taken against guilty private hospitals, no ban on their operations
लखनऊ। मरीजों के इलाज में लापरवाही करने के दोषी ठहराए गए निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर मेहरबान हैं। यही कारण है कि आव्या, ऑक्सीजन, कृष्णा लाइफ लाइन समेत कई अस्पतालों पर नकेल नहीं कसी जा सकी है। ये अस्पताल अभी तक चल रहे हैं।
विज्ञापन

बच्चे की मौत के मामले में जांच कमेटी ने ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन अस्पताल को दोषी ठहराया था। आरोप था कि कुशल विशेषज्ञ के जरिये इलाज नहीं किया गया। अस्पताल संचालक ने कमेटी की रिपोर्ट पर सवाल उठाए। इस पर अफसरों ने नए सिरे से जांच शुरू कराई। नई कमेटी में तीन सदस्य रखे गए। अब विभाग के जरिये सिर्फ अस्पताल संचालक को नोटिस देकर बुलाया जा रहा है। आरोप है कि अस्पताल को बचाने के लिए अफसरों ने यह खेल रचा है।
विज्ञापन




लाइसेंस निरस्त होने पर भी चल रहा अस्पताल

तेलीबाग स्थित कृष्णा लाइफ लाइन हॉस्पिटल का लाइसेंस सीएमओ के जरिये बीते वर्ष निरस्त कर दिया गया। इसके बाद भी इसका संचालन हो रहा था। शिकायतकर्ता सौरभ मिश्रा ने सीएमओ से शिकायत की तो उन्होंने जांच रिपोर्ट में अस्पताल बंद होने का दावा किया। पांच फरवरी को अपर निदेशक लखनऊ मंडल के जरिये अस्पताल का निरीक्षण कराया गया। इसमें अस्पताल खुला मिलने का हवाला दिया गया। आरोप है कि सीएमओ कार्यालय की टीम ने दूसरी जगह पर इसी नाम से अस्पताल खुलवाकर उसका पंजीकरण कर दिया। निदेशक ने जांच रिपोर्ट में पाया कि दोनों अस्पतालों की क्रमांक संख्या 1584 और पंजीकरण संख्या आरएमईई 2111475 सामान है, जो नियम के खिलाफ है।
विज्ञापन
विज्ञापन




अस्पतालों के पंजीकरण की तैयारी

नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह व चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप सिंह ने बीते माह दुबग्गा के दस अस्पतालों पर छापा मारा था। इनमें से किसी भी अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिले थे। मामले में अफसर सिर्फ नोटिस का खेल कर रहे हैं। यह लापरवाही तब है जब दो अस्पतालों इंप्लस और मां वैष्णो हॉस्पिटल का पंजीकरण ही नहीं था। विभाग ने दोनों अस्पतालों पर जुर्माना लगाने की संस्तुति भी की थी। फजीहत होने के बाद दोनों अस्पतालों को बंद करने के दोबारा आदेश दिए गए। आरोप है कि बिना पंजीकरण वाले अस्पतालों को नए सिरे से वैध करने की तैयारी है।




वर्जन

ऑक्सीजन अस्पताल के संचालक को दोबारा पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। कृष्णा लाइफ लाइन नाम का एक अस्पताल बंद है और दूसरे का संचालन अलग बिल्डिंग में हो रहा है। मामले की पड़ताल की जा रही है।

- डॉ. एपी सिंह, नोडल नर्सिंग होम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed