ई-मेल से हेराफेरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, नाइजीरियन समेत सात गिरफ्तार
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मेल स्पूफिंग (ई-मेल से हेराफेरी) कर देश के सैकड़ों खातों से करोड़ों रुपये उड़ाने वाले गिरोह का साइबर क्राइम सेल व विभूतिखंड पुलिस ने राजफाश किया है। इसका मास्टर माइंड नाइजीरिया का आस्कर है। टीम ने उसे दिल्ली से बुधवार को गिरफ्तार किया। इसके अलावा गोरखपुर के राप्तीनगर के आशीष जायसवाल, तिवारीपुर परवेज, गयासुद्दीन, रिजवान उल्लाह राईन, संतकबीर नगर निवासी प्रवीण जायसवाल, बिहार के औरंगाबाद का मो. नौशाद को दबोचा है। गिरोह ने अब तक 37 खातों की स्पूफिंग कर दस करोड़ रुपये से अधिक की रकम उड़ाना कुबूला है। इसी गिरोह ने उप्र. राजकीय निर्माण निगम के खाते की भी स्पूफिंग कर 9.5 लाख रुपये साफ किए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के वित्तीय सलाहकार विनोद प्रभाकर को छह फरवरी को एक ई-मेल मिला। इसमें निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक राजन मित्तल का जिक्र था। लिखा था कि प्रबंध निदेशक एक महत्वपूर्ण बैठक में हैं, जिसे देखते हुए उन्होंने एक कंपनी के बकाये का नौ लाख पचास हजार आठ सौ रुपये आरटीजीएस से भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह भुगतान तत्काल करना है। ऐसे में अकाउंट विभाग ने प्रबंध निदेशक के ई-मेल को देखकर रकम एक बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी। लेकिन कुछ देर निर्माण निगम के अधिकारियों को शक हुआ तो उन लोगों ने प्रबंध निदेशक राजन मित्तल से संपर्क किया। उन्होंने ऐसी किसी ईमेल को भेजे जाने से ही इन्कार किया।
इसके बाद जालसाजी का केस दर्ज कराया गया। मामले की जांच साइबर क्राइम सेल को सौंपी गई। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड राजीव द्विवेदी ने बताया कि साइबर सेल की टीम ने गिरोह की कुंडली खंगालनी शुरू की तो गोरखपुर के एक निजी कंपनी श्रीबालाजी महिला गृह उद्योग का नाम सामने आया। पुलिस ने कंपनी के मालिक को मुख्य आरोपी बनाया। जांच शुरू की तो गिरोह का सीधा संपर्क नाइजीरियन गैंग से मिला। यह कई लोगों की मेल स्पूफिंग कर करोड़ों रुपये ठग चुका था। कड़ियां जुड़ने लगीं तो साइबर सेल की एक टीम दिल्ली रवाना हो गई। छानबीन में दिल्ली के छत्तरपुर इलाके में गिरोह के कुछ बदमाशों की जानकारी मिली।