फेसबुक पर विदेशी लड़की बनकर ऐसे ठगी कर रहा है ये गैंग
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विदेशी युवती की आकर्षक फोटो देखकर छात्र ने उसकी दोस्ती स्वीकार कर ली। दोनों के बीच लंबी चैटिंग होने लगी। इस बीच फर्जी गर्लफ्रेंड ने गिफ्ट भेजने का लालच देकर छात्र से रुपये जमा कराने को कहा।
ठगों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के लैंबियाक एसडब्ल्यू और लैंबियाक थांगा सी. नेम्पुई के नाम से दो अकाउंट नंबर भी दिए। छात्र ने इन अकाउंट में कई बार में मोटी रकम जमा कराई।
इनकम टैक्स के रूप में 2,20,000 रुपये और मांगने पर उसका माथा ठनका। उसने गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है।
सिंडी नैंसी ने खुद को लंदन के बड़े कारोबारी की बेटी बताया था। छात्र ने बताया कि सिंडी नैंसी की फ्रेंड रिक्वेस्ट बीती एक दिसंबर को ही आई थी। दोस्ती होते ही उसने चैटिंग शुरू कर दी। नैंसी ने चैटिंग के दौरान ही छात्र से प्यार का इजहार भी किया।
इस तरह छात्रों ने नैंसी को मान लिया सच्चा
ठगों ने छात्र को ई-मेल से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की एक स्लिप की कॉपी भेजी थी। छात्र ने बताया कि स्लिप देखकर उसे नैंसी पर यकीन हुआ और उसने गिफ्ट के बदले रुपये जमा करा दिए।
इसके बाद गिफ्ट इंडिया पहुंचने की जानकारी देते हुए कस्टम विभाग की दूसरी स्लिप भेजी गई। इसमें भी छात्र से रुपये जमा कराने को कहा गया था।
नैंसी ने एक हफ्ते बाद ही छात्र को गिफ्ट भेजने की बात कही। बीती 16 दिसंबर को दिल्ली से मार्क विलियम नाम के व्यक्ति का फोन आया और उसने लंदन से गिफ्ट आने की जानकारी देते हुए 20,000 रुपये जमा कराए।
छात्र ने जल्द गिफ्ट रिसीव करने की बात कही। अगले दिन कस्टम अधिकारी मोनिका शर्मा ने उसे फोन कर गिफ्ट छुड़ाने की एवज में 30,000 रुपये जमा करने को कहा। इस तरह कई बार में छात्र से 1,90,000 रुपये जमा करा लिए।
भाई को बताया तो हुआ खुलासा
जब इनकम टैक्स के नाम पर सवा दो लाख रुपये और मांगे गए तो छात्र ने मुंबई में अपने रिश्ते के भाई और इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज के अधिकारी को फोन किया। छात्र ने भाई को गिफ्ट भेजे जाने की जानकारी दी।
हालांकि, गिफ्ट के नाम पर जमा की गई रकम को वह छिपा गया। भाई ने गर्लफ्रेंड और गिफ्ट को ठगों का मायाजाल बताते हुए रुपये न जमा करने की बात कहते हुए एफआईआर दर्ज कराने को भेजा।
छात्र ने बताया कि गिफ्ट छुड़ाने के लिए उसने दोस्तों से रकम उधार ली थी। उसने अपने माता-पिता को भी रुपये उधार लेने के बारे में जानकारी नहीं दी थी।
छात्र ने बताया कि वह बैंकिंग की तैयारी कर रहा है और उधार लौटाने के लिए फूटी कौड़ी नहीं है। उसने पुलिस से आरोपियों को गिरफ्तार कर रकम वापस दिलाने जाने की गुहार लगाई है।