लापरवाही न रुकी तो फैलेगा सामुदायिक संक्रमण, अगले 15 दिन लखनऊवासियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण
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अनलॉक होने के बाद दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव से लौटे लोगों से लखनऊ में संक्रमण बढ़ गया है। इनमें से कई लोगों ने लक्षण के बाद भी स्वास्थ्य विभाग को सूचना नहीं दी और शहर में घूमते रहे। इनके साथ अब परिजन भी संक्रमित निकल रहे हैं। चिंता की बात तो यह है कि बाहर निकले परिवार के लोगों से भी कई संपर्क में आए होंगे।
इसे देखते हुए अगले 15 दिन राजधानी के लिए बेहद अहम बताए जा रहे हैं। सीएमओ ने कहा, इन दिनों में वायरस पर नियंत्रित न हुआ तो सामुदायिक संक्रमण फैलने का अंदेशा है। राजधानी में शुक्रवार तक मरीजों की संख्या 1200 से अधिक हो गई। इसमें बीते 15 दिनों से मिले मरीजों में ज्यादातर के कनेक्शन दिल्ली, गुुड़गांव और नोएडा से हैं।
अफसरों का कहना है कि मरीजों से पूछताछ में सामने आया कि इनमें से कई लोगों को चार-पांच दिन पहले से बुखार आ रहा था। कोरोना के लक्षण के बाद भी ये शहर में घूमते रहे। इन युवकों के परिजन भी संक्रमित निकले। विभिन्न कार्यालयों में काम करने वाले इन लोगों से दूसरों तक वायरस फैला। इसे ध्यान में रखते हुए अब टीम जहां सर्वे कर रही है वहां के लोगों से यह भी जानकारी ली जा रही है कि कहीं कोई बाहर से तो नहीं आया है।
दूसरे शहरों से आने वालों को होम क्वारंटीन की सलाह दी गई है। सर्विलांस से इनकी निगरानी भी हो रही है। इनके परिवार के लोगों को बाहर जाने से मना किया जा रहा है। विभाग का आकलन है कि लोगों ने सहयोग नहीं किया तो वायरस को रोकना मुश्किल होने लगेगा।
इस तरह बरती लापरवाही
मीरा बाई मार्ग निवासी परिवार के शादी समारोह में दिल्ली से लोग आए थे। दुल्हन भी वहीं की थी। आखिरकार सप्ताह भर बाद परिवार में वायरस फैला और 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनके संपर्क वाले 35 लोगों के सैंपल जांच को भेजे गए हैं।
7 की रिपोर्ट पॉजिटिव
नोएडा से लौटे एलडीए कॉलोनी निवासी युवक ने लक्षण आने के बाद जांच कराई तो वह पॉजिटिव निकला। इसके बाद उसके परिवार और पड़ोस के सात लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्र बताते हैं कि कई मरीजों ने स्वीकारा कि बुखार आने पर उन्होंने दवाई खा ली। यह भी सामने आया है कि दूसरे शहर से आए युवक माता-पिता के काम पर निकल जाने के बाद खुद भी घर से बाहर घूमने निकल जाते थे।
बाहर से आने वाले ये सावधानियां बरतें
चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह है कि राजधानी में अभी तक सामुदायिक संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं। ऐसे में जो लोग बाहर से आए हैं, वे कम से कम सप्ताह भर भीड़ वाली जगह पर न जाएं। परिवार के लोगों से भी दूर रहें और होम क्वारंटीन रहें। इस बीच यदि लक्षण दिखे तो तत्काल जांच करा लें।
कई चरणों में फैला वायरस
राजधानी में वायरस पांच चरणों में फैला। हालांकि, अनलॉक के बाद जून सबसे खतरनाक साबित हुआ। इसकी बड़ी वजह दूसरे शहरों से लौटने वाले युवा बताए जा रहे हैं।
जमातियों से सब्जी विक्रेता तक
राजधानी में संक्रमित मिले जमाती भी दिल्ली से आए थे। इनसे सब्जी विक्रेताओं तक वायरस पहुंचा। फिर इसने सदर, पांडेगंज, नजीराबाद, ऐशबाग, फैजुल्लागंज सहित अन्य इलाकों में 600 से ज्यादा को चपेट में लिया।
कार्यालयों में भी दूसरे शहर से पहुंचा वायरस
जिम्मदारों की बात
राजधानी में समूह में जहां मरीज मिले हैं, उनकी चेन किसी न किसी रूप से दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव से जुड़ी पाई गई। कई ऐसे भी केस सामने आए हैं जिन्होंने दूसरे शहरों से लौटने के बाद लापरवाही बरती। ऐसे में अगले 15 दिन को अहम माना जा रहा है। सर्वे में लगी टीमों को भी सचेत किया गया है। दूसरे शहरों से आने वालों की जानकारी मिलते ही उन्हें होम क्वारंटीन कराया जा रहा है। जरूरत मुताबिक जांच भी कराई जाएगी। -डॉ. केपी त्रिपाठी, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण
यह सही है कि राजधानी में वायरस फैलने की बड़ी वजह बाहरी शहरों से आने वाले हैं। इनके जरिये शहर में वायरस आया और फिर राजधानीवालों के लिए मुसीबत बन रहा है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि बाहर से आने वाले लोग तत्काल अपनी जानकारी दें। इधर-उधर बाजार में न घूमें। अन्यथा शहर के अन्य लोगों में भी वायरस फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकेगा। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ