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Lucknow News: झलकारीबाई अस्पताल में नवजात की मौत, लापरवाही का आरोप
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झलकारीबाई अस्पताल।
लखनऊ। झलकारीबाई अस्पताल में नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हुसैनगंज थाना प्रभारी को पत्र देकर जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए कमेटी बनाई है। परिजन कमेटी के सामने बयान दर्ज कराएंगे, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होगी।
आलमबाग नहर स्थित महावीरपुरी निवासी गर्भवती शुभांगी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 26 मई को झलकारीबाई अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां शुभांगी ने नवजात शिशु को जन्म दिया, जिसकी हालत डॉक्टरों ने सामान्य बताई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही डॉक्टरों ने बच्चे को निगरानी में रखने की बात कही। पति धीरज वर्मा ने बताया कि इलाज के दौरान शिशु को सांस लेने में लगातार तकलीफ हो रही थी। उसका शरीर नीला पड़ रहा था, लेकिन परिजनों को सही जानकारी नहीं दी गई।
आरोप है कि 28 मई को डॉक्टरों ने शिशु को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने शव मांगा, लेकिन काफी देर तक उन्हें इंतजार कराया गया। पिता ने बताया कि शिशु की मौत के कारणों को लेकर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वार्ड के भीतर जाने से भी रोका गया। वहीं,अस्पताल प्रशासन ने डॉ. ऊषा यादव के नेतृत्व में कमेटी बनाई है। कमेटी ने परिजनों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है।
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आलमबाग नहर स्थित महावीरपुरी निवासी गर्भवती शुभांगी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 26 मई को झलकारीबाई अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां शुभांगी ने नवजात शिशु को जन्म दिया, जिसकी हालत डॉक्टरों ने सामान्य बताई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही डॉक्टरों ने बच्चे को निगरानी में रखने की बात कही। पति धीरज वर्मा ने बताया कि इलाज के दौरान शिशु को सांस लेने में लगातार तकलीफ हो रही थी। उसका शरीर नीला पड़ रहा था, लेकिन परिजनों को सही जानकारी नहीं दी गई।
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आरोप है कि 28 मई को डॉक्टरों ने शिशु को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने शव मांगा, लेकिन काफी देर तक उन्हें इंतजार कराया गया। पिता ने बताया कि शिशु की मौत के कारणों को लेकर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वार्ड के भीतर जाने से भी रोका गया। वहीं,अस्पताल प्रशासन ने डॉ. ऊषा यादव के नेतृत्व में कमेटी बनाई है। कमेटी ने परिजनों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है।
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