ट्रेन से मां व पांच बच्चियों को फेंकने के मामले में नया मोड़, मरी नहीं, जिंदा हैं आफरीन व हसीना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चलती ट्रेन से मां व पांच बच्चियों को फेंकने के मामले में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब आफरीन व बेटी हसीना बिहार स्थित अपने घर पहुंच गईं। पुलिस का कहना है कि जिस आफरीन की ट्रेन से फेंके जाने पर मौत की बात की जा रही है, वह व उसकी बेटी हसीना अभी जिंदा है। बिहार पुलिस ने दोनों को सीतापुर ला रही है। पुलिस के सामने अब चुनौती यह है कि रेल ट्रैक के करीब मिला शव आखिर किस महिला का है।
बताया गया था कि सोमवार रात कामाख्या एक्सप्रेस से बिहार के बेतिया जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के सरिया बाजार निवासी इद्दू ने अपनी पत्नी आफरीन व पांच पुत्रियों को फेंक दिया है। मैगलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खखरा के निकट रेल ट्रैक के करीब मिले शव की शिनाख्त इद्दू की पत्नी आफरीन के रूप में हुई थी। जबकि मानपुर थाना क्षेत्र में रमईपुर हाल्ट के निकट मिली बच्ची के शव की शिनाख्त इद्दू की पुत्री मुन्नी के रूप में हुई थी।
महमूदाबाद के गुलरामऊ रेल क्रॉसिंग के निकट ट्रैक के करीब पाई गई घायल बालिका की पहचान इद्दू की पुत्री रबिया, रामकोट थाना क्षेत्र के ग्राम गोरा व भवानीपुर के निकट घायल पाई गई दो बच्चियों की पहचान भी इद्दू की पुत्री अल्बुल व सलीमा के रूप में की गई थी। इद्दू की एक पुत्री हसीना को भी चलती ट्रेन से फेंका जाना बताया जा रहा था।
जीआरपी ने अल्बुल के बयान को आधार मानते हुए बिहार के नौतन थाना क्षेत्र के ग्राम झखरा निवासी इकबाल व इजहार के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। पुलिस बाद में इद्दू को ही मुख्य आरोपी बताने लगी।
पूछताछ के बाद भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना था कि इद्दू ने ही अपनी पत्नी व पांच बच्चियों को ट्रेन से फेंका है। जिसमें पत्नी आफरीन व पुत्री मुन्नी का शव मिल चुका है। जबकि हसीना का पता नहीं चल सका। तीन बच्चियां घायल हैं। इकबाल व इजहार से पूछताछ के बाद भी पुलिस ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
सोमवार को बिहार पुलिस का फोन आया कि जिस आफरीन को ट्रेन से फेंक कर मार डालना बताया जा रहा है, वह अपनी एक पुत्री के साथ बिहार के नौतन थाना क्षेत्र के झखरा स्थित अपने घर पहुंच गई है। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि आफरीन की गोद में मौजूद बच्ची कोई और नहीं बल्कि वह हसीना है, जिसको ट्रेन से फेंके जाने के बाद से लापता बताया जा रहा है।
अब जीआरपी को नए सिरे से जांच करनी पड़ रही है। बताया गया है कि बिहार पुलिस आफरीन व उसकी पुत्री को लेकर सीतापुर के लिए रवाना हो चुकी है।
आखिर क्यों गुमराह हो गया साढ़ू
इद्दू के जिस साढ़ू ने लखीमपुर जाकर महिला के शव को अपनी साली आफरीन का शव बताया। वह आखिर क्यों इतना गुमराह हो गया। यह बात जीआरपी के अधिकारियों को समझ में नहीं आ रही है। सीओ अशोक कुमार सिंह कह रहे हैं कि आफरीन के जिंदा मिलने से यह केस दूसरे मोड़ पर चला गया है। अब कार्रवाई तभी आगे बढ़ाई जाएगी, जब आफरीन सीतापुर आ जाएगी।
क्यों नहीं किया पुलिस से संपर्क
आफरीन के जिंदा होने की सूचना मिलने पर जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि वह इस घटना से जुड़े तमाम सवालों का उत्तर दे सकती है। सीओ अमिता सिंह का कहना है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी आफरीन ने पुलिस से संपर्क क्यों नहीं साधा।
वह सीधे अपने घर क्यों चली गई। सीओ ने बताया कि ऐसे बहुत से सवाल हैं, जिनका जवाब सिर्फ आफरीन ही दे सकती है। आखिर 23 अक्तूबर की रात ट्रेन में क्या हुआ और आफरीन व हसीना कैसे बचीं, इस सवाल का जवाब भी आफरीन ही दे सकती है।
जिंदा है आफरीन व उसकी पुत्री हसीना
मामले पर जीआरपी एसपी सौमित्र यादव का कहना है कि चलती ट्रेन से फेंके जाने पर आफरीन व उसकी पुत्री हसीना की मौत की खबर गलत साबित हुई है। जिस आफरीन का शव बताया गया, वह आफरीन अपनी पुत्री हसीना के साथ सोमवार को बिहार स्थित अपने घर जिंदा पहुंची है।