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लंग व लिवर कैंसर के लिए कारगर है एसबीआरटी

Mon, 07 Oct 2019 01:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 01:45 AM IST
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new techniques are helpful in treatment of cancer
नई तकनीक से लंग व लिवर कैंसर का इलाज आसान
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एसजीपीजीआई : कार्यशाला में जुटे विशेषज्ञों ने एसबीआरटी समेत दूसरे टेक्नीक पर की चर्चा
स्टेरियो टैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी टेक्नीक (एसबीआरटी) के जरिये कैंसर का सटीक इलाज किया जा रहा है। इसके जरिये लंग और लिवर के छोटे कैंसर के इलाज में काफी आसानी हुई है, लेकिन मरीजों के चयन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। यह कहना है एसजीपीजीआई की रेडियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीता लाल का। वह संस्थान में यूपी स्टेट चैप्टर मीटिंग ऑफ एसोसिएशन ऑफ रेडिएशन आंकोलांजी ऑफ इंडिया को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि नए वर्जन की मशीनों में एसबीआरटी की सुविधाएं हैं, लेकिन इनका प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की भी जरूरत होती है। ऐसे में चिकित्सक और टेक्नीशियन का विशेषज्ञ होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शहरी इलाके में कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन ग्रामीण इलाके में जागरूकता लाने की जरूरत है। कैंसर के मरीज जल्दी अस्पताल आ जाएं तो उनका इलाज भी आसान हो जाता है। इस दौरान देशभर के करीब 300 विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. मारिया दास, डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. शगुन मिश्रा, डॉ. नीरज रस्तोगी मौजूद थे।
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ब्रेन ट्यूमर, प्रोस्टेट में इमेज गाइडेंस कारगर
ब्रेन ट्यूमर, प्रोस्टेट और हेड नेक के कैंसर के इलाज के दौरान इमेज गाइडेंस थेरेपी कारगर है। इसमें कैंसर का इमेज लेकर ट्यूमर रेडिएशन देते हैं। इससे ट्यूमर पर रेडिएशन का असर होता है, लेकिन उसके आसपास के हिस्से प्रभावित नहीं होते हैं। इस वजह से इस तकनीक का ज्यादा प्रयोग किया जा रहा है।
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-डॉ. सुधीर सिंह, केजीएमयू
बच्चों के लिए पोर्टन बिम्ब थेरेपी
जिन बच्चों को ब्रेन ट्यूमर, स्पाइनल कॉर्ड के कैंसर और आंखों में ट्यूमर होता है, उनके लिए पोर्टन बिम्ब थेरेपी अपनाई जाती है। भारत में अभी यह थेरेपी काफी महंगी है। अभी इसका प्रयोग सिर्फ एक संस्थान कर रहा है, लेकिन विदेशों में इसी तकनीक से इलाज किया जा रहा है।

-डॉ. सत्यजीत प्रधान, बीएचयू
डॉ. आयुषी व डॉ. सिद्धार्थ को बेस्ट पेपर अवार्ड
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की रेडियोथेरेपी विभाग की रेजिडेंट डा.ॅ आयुषी को बेस्ट पेपर का अवार्ड दिया गया है। डॉ. आयुषी ने पोस्ट ऑपरेटिव के मरीजों पर अध्ययन किया है। इसी तरह एसजीपीजीआई के रेजिडेंट डॉ. सिद्धार्थ पंत को भी बेस्ट पेपर अवार्ड दिया गया है।
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