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यूपी बोर्डः स्टूडेंट्स के पास होने के नए नियम, एक नजर डाल लें खबर पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 14 Mar 2018 02:33 PM IST
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यूपी बोर्ड ने दो वर्ष पूर्व हाईस्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा में पास होने के नियमों में बदलाव किए थे। मगर आज भी कई विद्यार्थी ही नहीं शिक्षक भी इन नियमों से अनजान हैं। ऐसे में रोजाना तमाम विद्यार्थी उत्तीर्ण होेने की नियमों की जानकारी लेने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
नए नियमों के मुताबिक इंटर और हाईस्कूल के किसी एक विषय में फेल होने पर भी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हो सकता है। पेपर खराब होने और किसी एक विषय में अनुपस्थित रहे विद्यार्थी नए नियमों की जानकारी लेने शिक्षा भवन पहुंच रहे हैं। कई परीक्षार्थियों को तो यह भी पता नहीं है कि उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम प्रतिशत कितना होना चाहिए।
बोर्ड ने हाईस्कूल में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 33 और इंटर में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक निर्धारित किए हैं। सभी विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम प्रतिशत लाना अनिवार्य है। हाईस्कूल में छह विषय होते हैं। यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार यदि कोई परीक्षार्थी पांच विषयों में पास और किसी एक विषय में फेल होता है या फिर एक विषय के पेपर में अनुपस्थित रहता है तो भी वह पास माना जाएगा।
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नए नियमों के मुताबिक इंटर और हाईस्कूल के किसी एक विषय में फेल होने पर भी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हो सकता है। पेपर खराब होने और किसी एक विषय में अनुपस्थित रहे विद्यार्थी नए नियमों की जानकारी लेने शिक्षा भवन पहुंच रहे हैं। कई परीक्षार्थियों को तो यह भी पता नहीं है कि उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम प्रतिशत कितना होना चाहिए।
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बोर्ड ने हाईस्कूल में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 33 और इंटर में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक निर्धारित किए हैं। सभी विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम प्रतिशत लाना अनिवार्य है। हाईस्कूल में छह विषय होते हैं। यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार यदि कोई परीक्षार्थी पांच विषयों में पास और किसी एक विषय में फेल होता है या फिर एक विषय के पेपर में अनुपस्थित रहता है तो भी वह पास माना जाएगा।
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यह कहते हैं नियम
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यदि वह चाहे तो एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकता है। कंपार्टमेंट परीक्षा जुलाई में कराई जाती है। वहीं यदि परीक्षार्थी हाईस्कूल के दो विषयों में फेल हो जाता है तो उसे एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। उसमें उत्तीर्ण होने के बाद उसे पास की मार्कशीट दी जाएगी। भले ही वह दूसरे विषय में फेल ही हो।
इंटर में सभी मुख्य विषयों के दो-दो पेपर होते हैं। यदि परीक्षार्थी ने एक पेपर की परीक्षा में 27 अंक अर्जित कर लिए हैं और दूसरे में फेल हो गया या अनुपस्थित है, तब भी उसे पास कर दिया जाएगा। बोर्ड उसे दूसरे पेपर में 8 अंक ग्रेस देकर पास कर देगा। यदि परीक्षार्थी ग्रेस अंक के साथ भी फेल होने की दशा में हो तो उसे फेल कर दिया जाएगा। इंटर में कंपार्टमेंट परीक्षा देने की व्यवस्था नहीं है।
इंटर में सभी मुख्य विषयों के दो-दो पेपर होते हैं। यदि परीक्षार्थी ने एक पेपर की परीक्षा में 27 अंक अर्जित कर लिए हैं और दूसरे में फेल हो गया या अनुपस्थित है, तब भी उसे पास कर दिया जाएगा। बोर्ड उसे दूसरे पेपर में 8 अंक ग्रेस देकर पास कर देगा। यदि परीक्षार्थी ग्रेस अंक के साथ भी फेल होने की दशा में हो तो उसे फेल कर दिया जाएगा। इंटर में कंपार्टमेंट परीक्षा देने की व्यवस्था नहीं है।