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इस नियम के बाद बिजली कनेक्शन का खेल होगा बंद
नरेश शर्मा/लखनऊ
Updated Thu, 12 Sep 2013 04:43 PM IST
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बिजली इंजीनियर अब अस्थाई बिजली कनेक्शन की आड़ में खेल करके अपनी जेब नहीं भर सकेंगे।
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इंजीनियरों को अब अस्थाई बिजली कनेक्शन की अवधि खत्म होने पर उसे काट करके अकाउंट को फाइनल करना होगा।
यह आदेश मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने जारी किया है।
निगम ने बिजली मीटर के बिना अब अस्थाई कनेक्शन देने पर पाबंदी भी लगा दी है। गुरुवार को निगम के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा ने लेसा, लखनऊ, बरेली एवं फैजाबाद जोन के मुख्य अभियंताओं को सरकुलर जारी करके आदेश दिया कि खंड स्तर पर अस्थाई कनेक्शन देने का रजिस्टर खोला जाए।
इस रजिस्टर में अस्थाई कनेक्शन के संबंध में पूरा विवरण दर्ज हो। इस रजिस्टर की निगरानी अधिशासी अभियंताओं को करनी होगी। दरअसल अस्थाई कनेक्शन की अवधि खत्म होने पर उपभोक्ता को फाइनल बिजली बिल जारी करने की जिम्मेदारी एक्सईएन की होगी।
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सरकुलर में कहा गया कि अस्थाई कनेक्शन देकर उनकी निगरानी नहीं की जाती है। तय अवधि खत्म होने के बाद भी यह कनेक्शन चालू रहते हैं। औचक चेकिंग के दौरान जब यह कनेक्शन प्रकाश में आते तो उनसे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाती है।
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प्रबंध निदेशक ने कहा कि अब बिजली मीटर के बिना अस्थाई कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। जिस जूनियर इंजीनियर ने बिना मीटर के अस्थाई बिजली कनेक्शन निर्गत कर दिया तो उसकेखिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही एक्सईएन एवं एसडीओ भी इस लापरवाही के लिए दोषी माने जाएंगे।