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तीन सौ से ज्यादा दवाओं के दामों में भारी कमी
लखनऊ/अमित यादव
Updated Fri, 30 Aug 2013 02:23 AM IST
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इलाज के दौरान महंगी दवाओं के बोझ से परेशान मरीजों और उनके परिजनों के लिए अच्छी खबर है। लगभग 350 से अधिक दवाओं के दाम कम हो गए हैं।
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यह गिरावट 60 फीसदी तक की गई है। बृहस्पतिवार से ये रेट से लागू हो गए हैं। पुराने रेट पर दवाएं बेचने वालों पर कार्रवाई भी किए जाने की तैयारी की जा रही है।
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केंद्र सरकार के आदेश के बाद 28 अगस्त के बाद 350 तरह की दवाओं के मूल्य कम किए जाने थे। इनमें एंटीबायोटिक से लेकर बीपी, पेट दर्द तक की दवाएं शामिल थी।
इन दवाओं का नए ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ) के तहत नए सिरे से मूल्य निर्धारण किया गया है। अभी तक कंपनियां अपने हिसाब से दवाओं के रेट रखती थी।
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एक ही साल्ट की अलग-अलग ब्रांड की दवाओं में जमीन आसमान का अंतर होता था। 15 मई को डीपीसीओ के आदेश के बाद 14 जून को 151 दवाओं, 21 जून को 26, 28 जून को 51, 5 जुलाई को 25 और 22 जुलाई को 26 दवाओं का मूल्य निर्धारण किया गया।
नई खेप उतारने को 45-45 दिन का समय दिया गया। जब इस दौरान भी दवाओं पर कम रेट नहीं प्रिंट हो पाए तो फिर 30-30 अतिरिक्त दिनों का वक्त दिया गया।
बुधवार लगभग 350 तरह की दवाओं के रेट कम हो चुके हैं। राजधानी के दवा विक्रेताओं की मानें तो रेट कम होने का असर ब्रांडेड कंपनियों पर ज्यादा पड़ेगा। छोटी कंपनियां तो पहले से ही कम दम में दवाएं बेच रही हैं।
केंद्र सरकार ने कंपनियों को अधिकत दवाएं वापस लेकर दोबारा कम मूल्य के साथ रिपैकिंग कर देने के निर्देश दिए थे।
लेकिन दवाओं का स्टॉक इतना नहीं होता कि दवाओं को वापस दिया जाए और फिर रिपैक कर वापस लाया जाए। ऐसे में कुछ बैच की दवाएं पुराने रेट में ही बाजार में मिल सकती हैं। नई पैकिंग की दवाओं को उसी के अनुसार बेचा जा रहा है।
इन दवाओं के कम हुए दाम
एसाइक्लोविर टैबलेट्स, एंपीसिलिन पाउडर, एंटी डी इम्युनोग्लोबिन, एट्रोपिन सल्फेट इंजेक्शन, एजीथ्रोमाइसिन, बीटाजोलोल हाइड्रोक्लोराइड ड्राप्स, साइक्लोस्पोरिन कैप्सूल, डीपीटी वैक्सीन, डाइजेपाम इंजेक्शन, फोलिक एसिड टैबलेट, मिडाजोलम इंजेक्शन, ऑफ्लोक्सेसिन सीरप। यह सूची 350 तरह की दवाओं की है।