सरकारी वेबसाइट की नकल करना पड़ेगा भारी, 16 नए साइबर थानों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश
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उत्तर प्रदेश के 16 रेंज में स्थापित नए साइबर क्राइम थानों में आईटी एक्ट के तहत अब एक लाख रुपये से अधिक के फ्रॉड की एफआईआर हो सकेगी। पहले 25 लाख रुपये से अधिक के फ्रॉड की एफआईआर ही साइबर क्राइम थानों में होती थी। नए साइबर थानों के क्रियाशील होने के बाद प्रदेश में ऐसे थानों की कुल संख्या 18 हो गई है। डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी ने साइबर थानों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक साइबर क्राइम थानों को ऐसे मामले भी विवेचना के लिए दिए जाएंगे, जिसकी प्रक्रिया जटिल हो और जिला स्तर पर यह विवेचना संभव न हो। रेंज मुख्यालय पर पुलिस उपाधीक्षक स्तर का अधिकारी अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय समन्वय के लिए होगा।
वहीं, पुलिस उपाधीक्षक को पूरे रेंज क्षेत्र के थानों में दर्ज साइबर से संबंधित अपराध का डाटा मेंटेंन करना होगा और रिकॉर्ड इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर और रिजनल साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर को भेजना होगा। चाइल्ड पॉर्नोग्राफी, हैकिंग, क्रिप्टोकरेंसी, ऑनलाइन साइबर ट्रैफिकिंग और सोशल मीडिया संबंधी अपराध के सभी मामले साइबर थानों में दर्ज किए जाएंगे।
16 रेंज में खोले गए हैं साइबर थाने
साइबर स्टॉकिंग जैसे फेसबुक या ट्विटर पर पीछा करना, रेकी करना, सरकारी वेबसाइट की नकल करना, उसे कोई क्षति पहुंचाना या राजस्व की हानि पहुंचाना जैसे अपराध की जांच और विवेचना भी साइबर थानों में होगी।
गौरतलब है कि लखनऊ और नोएडा में साइबर थाना पहले से था। जबकि 16 रेंज कानपुर, झांसी, चित्रकूटधाम, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन, फैजाबाद, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, आगरा और अलीगढ़ में नए साइबर थाने खोले गए हैं।