अब इस नई व्यवस्था से रुकेगी कॉलेजों में रैगिंग?
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रैगिंग की घटनाओं को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रशासन ने नए तरह के बंदोबस्त कर लिए हैं। नए शैक्षिक सत्र की शुरूआत के साथ ही प्रशासन शिक्षण संस्थाओं में नए प्रवेशार्थियों के साथ आशंकित रैगिंग की रोकथाम में जुट गया है।
जिला प्रशासन की तरफ से रैगिंग मामलों को लेकर संवेदनशील शहर की सभी शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन को पत्र भेजकर परिसर व क्लास रूम में शिक्षण कार्य शुरू होने से पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाने अथवा पुरानों को दुरुस्त कराने का निर्देश जारी किया गया है।
जिलाधिकारी की तरफ से जारी निर्देश में साफ किया गया है कि यह कैमरे इस तरह से लगवाए जाए जिससे नए प्रवेशार्थी छात्रावास से लेकर क्लाक रूम के अंदर जाने तक कैमरे की पूरी निगरानी में रहे। इसका उद्देश्य किसी भी स्तर पर रैगिंग जैसे प्रतिबंधित कृत्य की जानकारी पर इसके आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाना होगा।
नहीं होगी चोरी छिपे रैगिंग
प्रशासन ने विशेषतौर पर कुछ चिह्नित निजी इंजीनियरिंग व प्रबंधकीय संस्थाओं के साथ तीनों पॉलीटेक्निक संस्थाओं के प्रबंधन को यह भी निर्देशित किया है कि शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही कालेज परिसर में एंटी रैगिंग एक्ट के प्रावधानों को सख्ती के साथ अमल में लाने व चोरी छिपे रैगिंग के नाम पर नए प्रवेशार्थियों में दहशत पैदा करने वाले सीनियरों पर कड़ी निगरानी रखते हुए मामूली घटनाओं की भी अनदेखी न की जाए।
इस संबंध में एडीएम ट्रांस गोमती व प्रभारी एंटी रैगिंग कमेटी अशोक कुमार की तरफ से विशेषतौर पर जारी निर्देश में शिक्षण संस्थान संचालकों को कहा गया है कि वह आंतरिक स्तर पर वरिष्ठ शिक्षकों की कमेटी गठित कर नए प्रवेशार्थियों को ड्रेस कोड व अनुशासन के नाम पर डराने धमकाने वाले सीनियर्स विद्यार्थियों पर करीबी निगरानी रखे और किसी भी तरह की घटना उजागर होने पर इसकी जानकारी संबंधित एसीएम अथवा एडीएम टीजी कार्यालय को अवश्य उपलब्ध कराए।
इसमें किसी भी तरह की शिथिलता बरते जाने पर प्रबंधन को भी जिम्मेदार बना कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान प्रबंधन इसकी रोकथाम के लिए क्षेत्रीय स्तर पर पुलिस थाने से फोर्स की मदद भी ले सकते हैं।
साथ ही ऐसे शिक्षण संस्थान जहां नए प्रवेशार्थियों का हास्टल परिसर से बाहर संचालित हो वहां नए विद्यार्थियों के हास्टल से क्लास रूम तक पहुंचने व वापस हास्टल जाने के दौरान चिह्नित मार्ग पर भी पुलिस फोर्स की तैनाती सुनिश्चित करायी जाए ताकि हास्टल से परिसर जाने के दौरान नए छात्रों को उत्पीड़ित किए जाने की कोई घटना घटित न होने पाए।