बोर्ड परीक्षा: नकल रोकने के लिए नया फॉर्मूला
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस साल नए फॉर्मूले पर काम होने जा रहा है। इसके तहत बोर्ड परीक्षाओं में धोखाधड़ी कर कक्ष निरीक्षक बनाने वालों पर नकेल कसने के लिए पहली दफा शिक्षकों को बार कोडेड पहचान पत्र दिए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सहमति दे दी है। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा में हर साल 65 से 70 लाख परीक्षार्थी शामिल होते हैं। इसमें करीब दो लाख कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अभी तक जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से आई कार्ड जारी किए जाते रहे हैं। नियमानुसार जिस विषय की परीक्षा होती है, उस विषय का शिक्षक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी नहीं कर सकता।
सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी में तो अमूमन इस नियम का पालन किया जाता है, लेकिन शिक्षा माफिया निजी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर धोखाधड़ी कर विषय विशेष के शिक्षकों की ही कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगवाते हैं।
परीक्षा के दौरान इन्हीं कक्ष निरीक्षकों के माध्यम से परीक्षार्थियों को नकल करवाई जाती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग इसे रोकने के लिए ही कक्ष निरीक्षकों को बार कोडेड आई कार्ड देने की तैयारी में है। जल्द ही कार्ड बनाने वाली एजेंसी से करार किया जाएगा। एक कार्ड पर 62 से 65 रुपये का खर्च आएगा।
शिक्षक नहीं करवा सकेंगे नकल
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार कहते हैं कि इस बार बोर्ड परीक्षा में सिक्योर्ड एग्जामिनेशन सिस्टम लागू किया जा रहा है। कक्ष निरीक्षकों को दिए जाने वाले बार कोडेड आई कार्ड में चिप लगी होगी जिसमें शिक्षकों का पूरा ब्यौरा होगा।
मसलन वह किस स्कूल का शिक्षक है और बीए व बीएड में उसके कौन-कौन से विषय रहे हैं। परीक्षा केंद्र पर आई कार्ड को कंप्यूटर पर स्कैन करते ही शिक्षक के बारे में पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।
परीक्षकों को भी दिए जाएंगे ऐसे ही आई कार्ड
बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए करीब डेढ़ लाख परीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए परीक्षकों को भी बार कोडेड आई कार्ड दिए जाएंगे।
अगले साल से लागू होगी बायोमीट्रिक जांच
बोर्ड परीक्षा में अगले साल से बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक से लेकर कक्ष निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों की बायोमीट्रिक जांच जाएगी। इससे कोई बाहरी व्यक्ति परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस व्यवस्था के बाद बोर्ड परीक्षा में नकल पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।
परीक्षा केंद्र के लिए अगले साल से सीसीटीवी कैमरा जरूरी
प्रमुख सचिव ने बताया कि अगले साल से उन्हीं स्कूलों को बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनाया जाएगा, जहां सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।
राजकीय इंटर कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का बजट राज्य सरकार देगी और सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों को विकास निधि से इसे लगवाना होगा। वित्तविहीन स्कूलों की मान्यता की शर्तों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया जाएगा।
पुराने स्कूलों को सेंटर बनवाने से पहले अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। इस साल निर्देश दिया गया है कि जो स्कूल सक्षम हैं, वे बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले सीसीटीवी कैमरे लगवा लें।