कोरोना वायरस: 55 संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट आई निगेटिव, इन देशों से आए लोगों की निगरानी जरूरी
कोरोना को लेकर केजीएमयू में अब हुए 55 मरीजों के नमूने की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह जानकारी माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रो. शीतल वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई चाइना, हांगकांग, जापान व इरान से आए यात्रियों से हाल ही में मिला हो तो उसे सतर्क हो जाना चाहिए।
इन लोगों की 14 दिनों तक निगरानी जरूरी है। रोग के लक्षण मिलने पर जांच जरूर कराएं। केजीएमयू में बृहस्पतिवार को हुई कोविद 2019 वर्कशॉप में प्रो. शीतल ने बताया कि भारत सरकार की ओर से निर्देश जारी किया गया कि युहान, चाइना, जापान, सिंगापुर, हांगकांग, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और इटली से लौटे यात्रियों से दूरी बनाकर रखें।
इन देशों से आने वाले यात्रियों को कोरोना का खतरा रहता है। कोरोना वायरस के संक्रमण का असर 14 दिनों में सामने आने लगता है। इन यात्रियों के बुखार, गले में खराश, जुकाम व सांस की अन्य तकलीफ होने पर कोरोना की जांच जरूरी है। वायरस जांच के लिए केजीएमयू के साथ उत्तराखंड व वीडीआरएल को नोडल केंद्र बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना का संक्रमण होने के बाद भी रोग ठीक हो सकता है।
खाड़ी देशों की उड़ानें खाली
कोरोना वायरस से बचने के लिए सऊदी अरब सरकार की ओर से टूरिस्ट वीजा व उमरा पर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद खाड़ी देशों की फ्लाइटों में ट्रैफिक कम हो गया है। सऊदी अरब की ओर से हाल ही में कोरोना वायरस को लेकर भारत सहित कई अन्य देशों से आने वाले यात्रियों को टूरिस्ट वीजा व पिलिग्रेमेज पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इससे एक ओर जहां उमरा करने वाले नहीं जा पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पर्यटकों पर भी रोक लग गई है। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, करीब हजार से 12 सौ पैसेंजरों की संख्या घटी है। इससे फ्लाइटें खाली ही उड़ान भर रही हैं। एयरलाइनों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।