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साल्वर गैंग मामलाः नेशनल समेत ये कॉलेज भी होगा ब्लैकलिस्ट, हटाए जाएंगे प्रधानाचार्य
Tue, 08 Jan 2019 11:50 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 08 Jan 2019 11:50 AM IST
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लखनऊ के नेशनल इंटर कॉलेज में सहायक भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गैंग के मामले में दयानंद इंटर कॉलेज भी जांच के घेरे में आ गया है। एसटीएफ ने इस कॉलेज के तीन शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी करते पकड़ा था।
शिक्षा विभाग ने कॉलेज पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। एसटीएफ की ओर से पकड़े गए नौ लोगों में तीन शिक्षक राम इकबाल शुक्ला, दयाशंकर जोशी और अशोक कुमार मिश्रा दयानंद इंटर कॉलेज के हैं।
ये तीनों अभ्यर्थियों को नकल कराते पकड़े गए। सूत्रों की मानें तो राम इकबाल ने ही कक्ष निरीक्षकों को तैयार कर नकल कराने की रणनीति बनाई थी। फिलहाल एसटीएफ पड़ताल कर रही है और शिक्षा विभाग ने अपने स्तर से कॉलेज पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि दयानंद इंटर कॉलेज को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। भविष्य में वह किसी प्रतियोगी परीक्षा का सेंटर नहीं बन पाएगा। पूरे मामले पर कॉलेज से भी पक्ष मांगा जाएगा। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने एक शिक्षक को हटा दिया है। प्रशासन की मानें तो परीक्षा में ड्यूटी करने की सूचना उन्हें नहीं थी।
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शिक्षा विभाग ने कॉलेज पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। एसटीएफ की ओर से पकड़े गए नौ लोगों में तीन शिक्षक राम इकबाल शुक्ला, दयाशंकर जोशी और अशोक कुमार मिश्रा दयानंद इंटर कॉलेज के हैं।
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ये तीनों अभ्यर्थियों को नकल कराते पकड़े गए। सूत्रों की मानें तो राम इकबाल ने ही कक्ष निरीक्षकों को तैयार कर नकल कराने की रणनीति बनाई थी। फिलहाल एसटीएफ पड़ताल कर रही है और शिक्षा विभाग ने अपने स्तर से कॉलेज पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि दयानंद इंटर कॉलेज को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। भविष्य में वह किसी प्रतियोगी परीक्षा का सेंटर नहीं बन पाएगा। पूरे मामले पर कॉलेज से भी पक्ष मांगा जाएगा। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने एक शिक्षक को हटा दिया है। प्रशासन की मानें तो परीक्षा में ड्यूटी करने की सूचना उन्हें नहीं थी।
सहायता प्राप्त विद्यालय नेशनल इंटर कॉलेज भी ब्लैकलिस्ट होगा। प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह को भी सॉल्वर गैंग में शामिल होने पर एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। कॉलेज में ही सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया गया। इससे पहले प्रधानाचार्य पर छात्राओं ने अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
तब आंतरिक प्रबंधन समिति ने उन्हें पद से हटा दिया था। हालांकि छह महीने बाद वह कोर्ट के निर्णय के बाद फिर से बहाल हो गए। डीआईओएस ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज को भी ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। आगे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में उसे केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
कॉलेज की आंतरिक समिति को भी पत्र लिखकर यह पूछा जाएगा कि मामले में वह क्या कदम उठा रही है। नेशनल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह का हटना तय माना जा रहा है। डीआईओएस ने बताया कि गिरफ्तारी के 24 घंटे बाद ही अधिकारी स्वत: पद से सस्पेंड माना जाता है।
फिलहाल प्रबंधन की आंतरिक समिति के कदम का इंतजार है। उधर, कॉलेज में अभी तक आंतरिक समिति की तरफ से कोई पत्र नहीं आया है। प्रवक्ता रामचंद्र को प्रधानाचार्य को कार्यभार ग्रहण कराया जा सकता है।
तब आंतरिक प्रबंधन समिति ने उन्हें पद से हटा दिया था। हालांकि छह महीने बाद वह कोर्ट के निर्णय के बाद फिर से बहाल हो गए। डीआईओएस ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज को भी ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। आगे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में उसे केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
कॉलेज की आंतरिक समिति को भी पत्र लिखकर यह पूछा जाएगा कि मामले में वह क्या कदम उठा रही है। नेशनल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह का हटना तय माना जा रहा है। डीआईओएस ने बताया कि गिरफ्तारी के 24 घंटे बाद ही अधिकारी स्वत: पद से सस्पेंड माना जाता है।
फिलहाल प्रबंधन की आंतरिक समिति के कदम का इंतजार है। उधर, कॉलेज में अभी तक आंतरिक समिति की तरफ से कोई पत्र नहीं आया है। प्रवक्ता रामचंद्र को प्रधानाचार्य को कार्यभार ग्रहण कराया जा सकता है।