मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पर कतरे, UP से हटा एमपी भेजा
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी से यूपी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी लेकर मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया है। यूपी में उनके पास पांच अन्य नेताओं के साथ सिर्फ लखनऊ मंडल के कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी रहेगी।
मायावती ने विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश को दो भागों में बांटकर संगठन का ढांचा खड़ा किया है। सूबे के कुल 18 मंडलों में नौ-नौ मंडलों की दो संगठनात्मक इकाई बनाई गई है। पश्चिमी यूपी के 5 मंडल तथा लखनऊ व बुंदेलखंड के दो मंडल को मिलाकर एक इकाई होगी।
वहीं, पूर्वांचल के 6, अवध के 2 और कानपुर मंडल को मिलाकर दूसरी इकाई रहेगी। नौ-नौ मंडलों की इन दोनों इकाइयों में आठ-आठ प्रभारी लगाए गए हैं। इन दोनों इकाइयों के प्रभारी मंडलों पर निगरानी रखेंगे। प्रत्येक मंडल में 6 कोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं। लखनऊ मंडल में भी 6 कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। इनमें एक नसीमुद्दीन सिद्दीकी हैं।
कम किया गया नसीमुद्दीन का कद
अभी तक वह पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड के प्रभारी के साथ मुस्लिम समाज के प्रदेश प्रभारी भी थे। प्रदेश में उनका कद कम किया गया है। राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखते हुए उन्हें मध्य प्रदेश का प्रभार दिया गया है।
माना जा रहा है कि दलित-मुस्लिम समीकरण का प्रयोग सफल नहीं होने पर नसीमुद्दीन की प्रदेश में भूमिका सीमित कर दी गई है। पश्चिमी यूपी, लखनऊ व बुंदेलखंड में जो 8 प्रभारी लगाए गए हैं, उनमें अशोक सिद्धार्थ, नौशाद अली, शमसुद्दीन, अतर सिंह राव, सुनील कुमार चित्तौड़, आरएएस कुशवाहा और हेमंत प्रताप शामिल हैं।
पूर्वांचल, अवध व मध्य यूपी के नौ मंडलों में मुनकाद अली और राम अचल राजभर समेत 8 प्रभारी तैनात किए गए हैं। बसपा के एक नेता के मुताबिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर आनंद कुमार की नियुक्ति के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है।