नसीमुद्दीन बोले- बताऊंगा मायावती किसकी हत्या करवाना चाहती थीं, जारी किए ऑडियो
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उन्होंने कहा, चुनाव के बाद मायावती ने मुझे और मेरे बेटे को बुलाकर पूछा कि मुसलमानों ने बीएसपी को वोट क्यों नहीं दिया? मैंने कहा, सपा कांग्रेस के गठबंधन के बाद वोट बंट गया तो वह बोलीं इससे पहले भी गठबंधन हुआ था लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने मुझे उल्टा-सीधा कहना शुरू किया और कहा, मुसलमान गद्दार है। उन्होंने दाढ़ी वाले मुसलमानों को कहा, ये कुत्ते मेरे पास आते थे। मैंने बहनजी से कहा कि मेरे मजहब का मामला है तो बोलीं मैं तुम्हारे खिलाफ एक्शन लूंगी। मैंने कहा कि ऐसे मत बोलिए तो उन्होंने कहा कि मुझसे मिलवाने के लिए सतीश और आनंद मौलाना को लेकर आए थे।
नसीमुद्दीन ने आगे बताया, जब मैंने ज्यादा ऐतराज किया तो बैलेंस करने के लिए बोलीं कि बैकवर्ड और अपरकास्ट ने भी हमें धोखा दिया। मैंने कहा वोट देना तो उनकी मर्जी की बात है। फिर कहने लगीं कि शेड्यूल कास्ट में सोनकर, वाल्मीकि, कोरी वगैरह ने वोट नहीं दिया फिर सबको भला बुरा कहने लगीं। मैंने विरोध किया तो कहने लगीं कि तुमसे बाद में बात करूंगी। 19 तारीख को मेरा नाम लिए बगैर सबके सामने कहा कि एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ये हो गया वो हो गया।
नसीमुद्दीन बोले, उन्होंने अपने भाषण में कांशीराम को भी नीचा दिखाने की कोशिश की। कहा, वह पैसे लेकर पंजाब चले गए और यूपी मुझे सौंप गए। कांशीराम वहां खाता नहीं खोल पाए पर मैंने सबको पीछे ढकेल दिया। मायावती ने मुझसे पूछा कि मेरा भाषण कैसा लगा तो मैंने कहा कि आपका कांशीराम के लिए ऐसा कहना लोगों को अच्छा नहीं लगा। इसके बाद बोलीं और बताओ। मैंने उनसे कहा कि आप घोषणापत्र जारी नहीं करतीं, आप लोगों से मिलना पसंद नहीं करतीं, आप जिलास्तर के लोगों से मिलना शुरू करो।
नसीमुद्दीन ने कहा कि मैंने मायावती से कहा कि आप विधानसभा नहीं जातीं। तो बोलीं क्या अपनी जान दे दूं। फिर मैंने कहा, आपने मंच पर जाकर किसी के लिए वोट तक नहीं मांगा इस पर वह नाराज हो गईं।
इसके बाद नसीमुद्दीन ने बताया कि मायावती के यहां लोगों से भेदभाव होता है। उन्होंने कहा कि मैंने मायावती से कहा, हम आपकी सुरक्षा का खयाल रखते हैं। पर आपको नियम सबके लिए एक से बनाने चाहिए बाकी लोगों के घड़ी पेन भी रखवा लेतीं पर सतीश चंद्र मिश्रा के आते ही गेट खोल दिया जाता है। ये बातें भी उन्हें नागवार गुजरीं। इन्हीं सब बातों से नाराज चल रही थीं।
नसीमुद्दीने ने बताया, एक दिन उन्होंने मुझे अकेले बुलाया। मैं गया तो बोलीं पार्टी को पैसे की बहुत जरूरत है। मैंने कहा कि पैसे की जरूरत तो हमेशा रहती है। तो बोलीं कि आपको पैसे का इंतजाम करना है तो मैंने कहा कि आप बताएं वही करूंगा। कहने लगीं कि पार्टी को 50 करोड़ की जरूरत है। मैंन कहा इतना पैसा कहां से लाऊं तो कहने लगीं कि अपनी प्रॉपर्टी बेच दो। मैंने कहा आपको कैश चाहिए पर मैं अपने प्रॉपर्टी बेच भी दूं तो भी चौथाई पैसा नहीं जुटेगा। बोलीं आगे बढ़ना है तो ऐसा करो।
बेटी मर गई पर माया ने नहीं दी छुट्टी
नसीमुद्दीन मायावती से हुई अपनी बातचीत के बारे में आगे बताते हैं, मैंने उनसे कहा, आप बदायूं से चुनाव लड़ रही थीं।आपने मुझे इलेक्शन एजेंट और चुनाव प्रभारी बनाया था। उस वक्त मोबाइल नहीं थे। मैंने पीसीओ से फोन पर घर बात की। उस वक्त मेरी आठ साल की बड़ी बेटी बीमार थी। पत्नी ने कहा चले आओ, मुझे लगता है कि बेटी बचेगी नहीं। मैंने बहन जी से बात की।
मैंने कहा कि मेरी सिर्फ एक बेटी है सबसे बड़ी संतान है, मुझे घर जाने दीजिए। बोलीं, तुम चले जाओगे तो मैं चुनाव हार जाऊंगी, तुम्हें नहीं जाना चाहिए। मैं नहीं गया, दूसरे दिन मेरी बेटी मर गई। इसके बाद भी बहन जी ने मुझे छुट्टी नहीं दी, कहा कि जो होना था हो गया अब चुनाव देखो। नसीमुद्दीन ने कहा, मैंने उनको ये सब याद दिलाया कहा, सारे केस आप मुझ पर लगवाती रहीं। मेरी कोई कुर्बानी नहीं याद है आपको? थोड़ी देर में आनंद भाई साहब और सतीश मिश्रा जी आ गए फिर मैं बता नहीं सकता कि क्या सुलूक हुआ मेरे साथ। ये मुझे पैसे के लिए बार-बार फोन करती रहीं कि क्या प्रोग्रेस है।
राज खोल दूंगा तो भूचाल आ जाएगा
उन्होंने कहा, मुझ पर आरोप है कि मैंने 2017 के चुनाव में कुछ लोगों से रुपए ले लिए जो व्यापारी या उद्योगपति थे और कहा कि हमारी सरकार बनने वाली फिर मुझे कई विभाग मिलेंगे तो आप काम कराऊंगा। कुछ लोगों ने कह दिया और बिना पूछे कार्रवाई कर दी गई। वो कुछ लोग जिनका न पार्टी से कोई संबध था न है न रहेगा। अगर ये सच है तो किसी एक उद्योगपति का नाम बता दें जिससे मैंने पैसे लिए हों।
सिद्दीकी बोले, आपने मुझे हत्या के इल्जाम में सजा तो सुना दी लेकिन ये भी तो पता चले कि मैंने हत्या किसकी की? इसके बाद आरोप लगाया कि मुझे एमपी का कुछ एरिया दिया गया था और जो काम सौंपा गया था वो न करके पार्टी विरोधी गतिविधियों में लग गया। बता दें कि वो पार्टी विरोधी गतिविधियां क्या हैं।
नसीमुद्दीन ने कहा, बहनजी ने मेरी संपत्ति को भी बेनामी बता दिया। मैं याद दिला दूं कि 2003 में ताज कॉरिडोर के मामले में जब मेरी और मायावती की संपत्ति की जांच हुई तो सीबीआई ने लिखा कि नसीमुद्दीन की संपत्ति के खिलाफ कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई जिनका कोर्ट आज भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
इसके बाद जब हमारी सरकार बनी तो मैं समझ नहीं पाया तब सुश्री मायावती, सतीश चंद्र मिश्र और स्वर्गीय हैं उनका नाम नहीं लूंगा, उन्होंने लोकायुक्त से जांच करवाई जो इसी साल पूरी हुई जांच में संपत्ति ज्यादा तो क्या आय से कम मिली।
कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल हुई, ईडी में दाखिल हुई फिर विजिलेंस ने भी जांच खत्म की। अब कौन सी संपत्ति है और अभी मैं मायावती, सतीश चंद्र और आनंद की संपत्ति खोल दूंगा तो तमाशा बन जाएगा। मेरे पास ऐसे सुबूत हैं कि खोल दूंगा तो पूरी दुनिया में भूचाल आ जाएगा।
नसीमुद्दीन ने ये कहकर धमाका कर दिया कि मायावती किसे मरवाना चाहती थीं सब प्रमाण के साथ खोलूंगा लेकिन बाद में अभी सिर्फ खुद पर लगे आरोपों का जवाब दूंगा।
मायावती को मुझसे ज्यादा आनंद कुमार भी नहीं जानते क्योंकि वो दूर थे।
मायावती के पास है एक अपराधियों का गिरोह
वब बोले, जहां तक मेरा सवाल है, मैंने आर्मी का नमक खाया। मैंने कई बार लाशों को बरफ के पहाड़ में कंधों पर लादकर भी लाना पड़ा है। मैं इन अपराधियों से नहीं डरा हूं जो करवाना है करवा लें। अब बीएसपी से बाहर हूं गलत बात नहीं सुनूंगा।
नसीमुद्दीन ने कहा, आजकल दलित परेशान हैं क्योंकि मायावती सतीश चंद्र से मिलकर बाबा साहब के सपने को चकनाचूर कर रही हूं। इसका खामियाजा अन्य समाजों के साथ दलित समाज को भोगना होगा। ज्यादा दूर न जाएं, राज्यसभा में जो मायावती ने जो पर्चा भरा उसे पूरी दुनिया जानती है। इनकी संपत्ति में 200 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हो गई, ये घोषित है अघोषित का पता नहीं... कहां से आ गए इतने रुपए। बातें बहुत सी हैं, मेरे पास प्रमाण भी बहुत हैं। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप झूठे हैं।
नसीमुद्दीन ने मायावती का टेप भी सुनवाया। इस टेप में मायावती कह रही थीं जो तुमसे काम कहा है वो जरूरी है उसे करना है।
नसीमुद्दीन ने कई टेप सुनवाए जिसमें उन्होंने कहा कि बात मान लोगे तो आगे बढ़ जाओगे।
नसीमुद्दीन ने कहा कि आपको नाराज नहीं देखना चाहता। कहा कि एक-एक प्रॉपर्टी बेच दूंगा। इस पर मायावती ने कहा कि ये आपके लिए भी जरूरी है। एक टेप में मायावती ने कहा, ये जो चारों मंडल है, इनमें जिनको आपने किताबें दिलाई हैं उनसे कहो कि अपना हिसाब क्लीयर कर दें। मायावती ने कहा कि वो मुस्लिम समाज के लोग हैं आप अपनी जिम्मेदारी को निभाओ और उन्हें बुलाओ। मायावती ने कहा ये लोग नए लोगों के साथ कोऑपरेट नहीं कर रहे हैं। मैं एक्शन लूंगी।
एक ऑडियो में नसीमुद्दीन मायावती से बोल देते हैं कि मैं आपसे आनंद भइया से सतीश मिश्र से बहुत टॉर्चर हूं। इस पर मायावती ने फोन काट दिया।
उन्होंने कहा, मायावती के खिलाफ 150 सीडी हैं। नसीमुद्दीन के बाद विधान परिषद सदस्य बृजेश ने कहा, मायावती से कार्यकर्ता नहीं मिल सकते बल्कि नोटों की गड्डी लेकर जाना आसान है।
पार्टी में कोई लोकतंत्र नहीं रह गया है, हम लोग पीड़ित हैं। मैं जीतकर आया हूं पार्टी विरोधी नहीं हूं पर चाहता हूं कि पार्टी को खोखला करने वाले लोग पार्टी से जाएं। सतीश मिश्रा जैसे लोगों को पार्टी से बाहर जाना होगा तभी पार्टी का अस्तित्व बचेगा।
बृजेश ने आनंद कुमार की संपत्ति पर उंगली उठाई साथ ही कहा कि सतीश चंद्र जी को भी बताना होगा कि लखनऊ में बने आलीशान महल के लिए पैसा कहां से आया। नसीमुद्दीन ने बताया कि उनकी पत्नी, भाई, साले सहित हर जिले के कई लोग पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने कई लोगों के नाम भी गिनवाए।
स्वाति सिंह के मामले में सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई अगर ये दिखा देगा कि मैंने अपशब्द वाले नारे लगाए तो पॉक्सो तो क्या 302 भी लगेगा तो स्वीकार कर लूंगा।
जो मैं अपनी मां-बहन के लिए नहीं सुन सकता वो किसी के लिए नहीं कह सकता।