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13 साल चली खुद को जिंदा साबित करने की जंग

Fri, 26 Jul 2013 07:59 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 26 Jul 2013 07:59 PM IST
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nana patekar's cook wins the case

पहले खुद को ‘जिंदा’ साबित करवाने और फिर पुश्तैनी जमीन पर हक पाने के लिए करीब 13 वर्ष से लड़ रहे संतोष सिंह को आखिर उनकी जमीन पर हक मिल गया।

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इसके लिए उन्होंने प्रदेश सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि वाराणसी उनके गांव छितौनी में हुई इस कार्यवाही में क्षेत्रीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिला।

अब वे जल्द से जल्द अपनी इस जमीन को बेच कर वापस मुंबई लौटना चाहते हैं। वे मुंबई में फिल्म कलाकार नाना पाटेकर के कुक हैं।

वो पिछले 13 सालों से उत्तर प्रदेश में रहकर अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अपनी जमीन वापस मिलने के लिए संतोष ने नाना पाटेकर का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में नाना पाटेकर ने लगातार प्रदेश के मंत्रियों से उनके विषय में बात की।
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जरूरत होने पर नाना पाटेकर ने रहने-खाने के लिए आर्थिक सहयोग भी किया।

उन्हें करीब 15 वर्ष पहले नाना पाटेकर ने उनके गांव में शूटिंग के दौरान मुंबई आकर उनका कुक बनने का न्यौता दिया था। संतोष के माता-पिता का देहांत हो चुका था। शादी के बाद वह वहीं बस गया।
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इधर गांव छितौनी में उनके रिश्तेदारों ने उनकी जमीन हड़पने के लिए संतोष को जोगेश्वरी बम ब्लास्ट में मृतक बनाकर उनका मृत्यु प्रमाण बनवा दिया और जमीन हथिया ली।

जब संतोष को सूचना मिली तो वह गांव लौटे और उन्हें यहां से भगा दिया गया।

तब से करीब 13 वर्ष चली लड़ाई में उन्होंने खुद को जिंदा साबित किया और उसके बाद अपनी जमीन हासिल की।

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