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मुसलमान मस्जिदों में पढ़वायें अपने लड़कों का निकाह: अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:29 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
मुस्लिम समुदाय में दहेज की बढ़ रही कुरीतियों से चिंतित उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन तनवीर हैदर उस्मानी ने मुस्लिमों से मस्जिदों में अपने पुत्रों का निकाह पढ़वाने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि काजी निकाह से पहले ही लड़के वालों से दहेज न लेने का एलान भी करवाएं। उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, दारुल उलूम देवबंद व बरेली से लड़की के घर वालों पर बारात का बोझ डाले जाने के खिलाफ फतवा जारी करने की मांग की।
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शनिवार को उस्मानी ने कहा कि मस्जिदों में निकाह पढ़वाना अल्लाह के नबी मोहम्मद साहब की सुन्नत है। अनावश्यक रूप से दिखावा और दहेज लेना व देना इस्लाम में मना है। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता की धाराओं में दंडनीय अपराध भी है। इसके बावजूद, कुछ लोग दिखावे के लिए मस्जिदों में निकाह तो कर लेते हैं, लेकिन शाम को बारात ले जाकर लड़की के परिवारीजनों पर बोझ लाद देते हैं।
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'लड़की के परिवार पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ डालने से मना किया'
उन्होंने गुपचुप दहेज लेने वालों की निंदा करते हुए कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने लड़की के परिवार पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ डालने से मना किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज में दहेज की कुरीति बढ़ने से तमाम गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी नहीं हो पा रही है। मस्जिदों में निकाह पढ़वाना अल्लाह के नबी मोहम्मद साहब की सुन्नत है।