फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   muslims oppose uniform civil code.

मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हुए मुसलमान, बोले- शरीयत में दखलंदाजी मंजूर नहीं

Sun, 16 Oct 2016 02:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 16 Oct 2016 02:41 AM IST
विज्ञापन
 muslims oppose uniform civil code.
हस्ताक्षर अभियान के दौरान मुस्लिम - फोटो : amar ujala

केंद्र सरकार की ओर से तीन तलाक को औरतों के अधिकारों के खिलाफ बताने और समान नागरिक संहिता के खिलाफ शुक्रवार को शुरू हुए हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर मुसलमानों ने संदेश दिया कि इस्लामी शरीयत में किसी भी तरह का बदलाव उन्हें मंजूर नहीं है।

विज्ञापन


ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर ऐशबाग ईदगाह स्थित दारुल उलूम फरंगी महल में जुमे की नमाज के बाद हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

इसमें सैकड़ों मुसलमानों ने फॉर्म पर हस्ताक्षर कर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में जमा किया। अभियान में बड़ी तादाद में मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हुईं।

इससे पहले जुमे की नमाज के दौरान ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर तीन तलाक को महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया है, यह इस्लामी शरीयत में खुला हस्तक्षेप है। अब लॉ कमीशन ने भी इस मामले में लोगों से राय मांगी है।

विज्ञापन

लोकतांत्रित तरीके ‌से दिया जाएगा जवाब

 muslims oppose uniform civil code.

मौलाना ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों को छीनने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। वहीं, नादान महल रोड स्थित मस्जिद तक्वीअतुल ईमान में ऑल इंडिया सुन्नी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद मुश्ताक की अगुवाई में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

30 अक्टूबर तक जमा करें फॉर्म
मौलाना फरंगी महली ने कहा कि शहर की सभी मस्जिदों में हस्ताक्षर फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं।

ज्यादा से ज्यादा लोग फॉर्म पर अपना नाम, पता भरने के साथ हस्ताक्षर कर 30 अक्तूबर तक इसे इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के कार्यालय में जमा कराएं। ये फॉर्म सरकार को भेजकर बताया जाएगा कि हमें शरीयत में दखलअंदाजी कुबूल नहीं है।

ये हैं फॉर्म के तीन बिंदु

 muslims oppose uniform civil code.

1. हम इस्लामी शरीयत के तमाम आदेशों, विशेषकर निकाह, तलाक, खुला, फस्ख, विरासत के दीनी आदेश से पूरी तरह सहमत हैं और उनमें किसी बदलाव की जरूरत या गुंजाइश से इन्कार करते हैं।

2. भारत में हर धर्म के मानने वाले को अपने धर्म पर अमल करने की पूरी आजादी भारतीय संविधान ने दी है, इसलिए हमें किसी भी सूरत में समान नागरिक संहिता कुबूल नहीं है।

3. हम शरीयत के कानून की सुरक्षा में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed