'मां-बाप की इज्जत खाक में मिला देगा मोबाइल, दूर रहें इससे'
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आज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके वाट्सअप और फेसबुक को मुस्लिम युवा प्रयोग नहीं कर पाएंगे। यदि मौलानाओं के आदेश को अमल में लाया गया तो निश्चित ही ऐसा होगा। यहीं नहीं मोबाइल का प्रयोग मां-बाप की इज्जत के लिए खतरा भी बन सकता है।
कानपुर में आल इंडिया गरीब नवाज कौंसिल की ओर से चिश्ती नगर में आयोजित ईद मिलादुन्नबी कांफ्रेंस में मौलाना हाशिम अशरफी ने कहा कि लोग नौजवान बच्चों और बच्चियों को इंटरनेट, फेसबुक और व्हाट्सएप से दूर रखें।
इन साधनों का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है। इससे बच्चे और बच्चियां बरबादी की तरफ बढ़ रहे हैं। मौलाना ने कहा कि मोबाइल के गलत इस्तेमाल से बच्चे मां-बाप की इज्जत खाक में मिला देंगे।
सोशल साइट का किया जमकर विरोध
इस जलसे को संबोधित करते हुए मौलानाओं ने कहा कि आज बेटी बचाओ अभियान चलाया जा रहा है लेकिन पैगंबर-ए-इस्लाम मुहम्मद (सअ) ने 1400 साल पहले कहा था कि बेटियां नेमत और रहमत हैं, ना कि जहमत।
उनकी बेहतरीन परवरिश और तालीम की जरूरत है। जलसे में ईरान में नबी के नाम पर बनी फिल्म का भी विरोध किया गया। उन्होंने ऐसी फिल्म पर पाबंदी लगाने की मांग की।
जलसे का आगाज कारी इकबाल बेग ने तिलावते कुरान से किया। इसके बाद कारी मीकाइल जियाई, कारी जैनुल आबदीन, सैफ रजा, कलीम दानिश, कैफ रजा, मोहम्मद असलम ने नात पढ़ी।
जलसे में सपा नगर अध्यक्ष महताब आलम, मोहम्मद शाह आजम बरकाती, मौलाना शाहनवाज अहमद, मौलाना मोईनुद्दीन हाफिज नियाज अहमद, हाफिज मिनहाज, मौलाना खुर्शीद, कारी फारूक, हाफिज जावेद आदि मौजूद थे। संचालन सुब्हान अल्लाह ने किया।